जिला चिकित्सालय (कोरोनेशन अस्पताल) में पिछले दो सालों से ब्लड बैंक की स्थापना के प्रयास सफल नहीं हो रहे। जिला अस्पताल व गांधी अस्पताल में रक्त की जरूरत पड़ने पर मरीजों खासकर गर्भवतियों के लिए दून अस्पताल से खून मंगवाना पड़ता है। डीएम सविन बंसल ने कहा कि इसी वित्तीय वर्ष में ब्लड बैंक को शुरू कराया जाएगा।
उन्होंने सभी सीएचसी में लैब संचालन के लिए प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कहा, जिला चिकित्सालय में 10 दिन के अंदर निक्कू वार्ड संचालित होगा। एक सप्ताह में बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती होगी। जिला चिकित्सालय में चिकित्सकों, वार्ड अटेंडेंट, सुरक्षा गार्ड आदि के खाली पड़े पदों पर कर्मचारी नियुक्त करने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए। जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्र त्यूणी में लैब स्थापित कर संचालन के निर्देश सीएमओ को दिए। उन्होंने आशाओं की समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। एनएचएम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की।
अभी निजी लैबों के भरोसे सरकारी अस्पताल
अभी जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निजी लैब के भरोसे चल रहे हैं। प्रेम नगर उप जिला चिकित्सालय में ही निजी लैब से भर्ती मरीजों की जांच करानी पड़ रही है।
कोरोनेशन की लैब में भी बदइंतजामी
कोरोनेशन में लैब तो है, लेकिन वहां लैब को लेकर कई बार सवाल उठते रहते हैं। कभी लैब बंद मिलने के कारण तो कभी रिपोर्ट समय से नहीं देने के कारण कोरोनेशन की लैब पर बदइंतजामी के आरोप लगते रहते हैं। पिछले दिनों स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश ने लैब का निरीक्षण किया था तो रिपोर्ट आने में देरी होने की बात सामने आई थी। वहीं एक बार अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में ताला लगा मिला। इस पर उन्होंने स्टाफ को फटकार लगाई थी।