बैठक का संचालन पूरण सिंह लिंगवाल ने किया एवं अध्यक्षता केशव उनियाल ने किया। आज की बैठक में आंदोलनकारी सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल विशेष रूप से मौजूद रहें।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी एवं प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती के साथ जसोदा ने कहा कि आज 07-माह बाद भी आंदोलनकारियों की चिन्हीकरण प्रक्रिया विलम्ब होने एवं क्षैतिज आरक्षण के पालन ना करना के साथ अन्य बिन्दुओं पर अगली रणनीति पर रोष व्यक्त किया साथ उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल की पहल पर शासन में जो पहल की एवं राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से लेकर 10% क्षैतिज आरक्षण एवं पुरानी नियुक्तियों व उम्र सीमा जेसे मामलों हेतु जो उप समिति बनाने की जो पहल की वह स्वागत योग्य हैं। महासचिव रामलाल खंडूड़ी एवं हरी सिंह मेहर के साथ विशम्भर दत्त बौठियांल ने कहा कि माननीय मुख्यमन्त्री जी से अपील की हैं कि जल्द कैबिनेट की उप समिति बना दी जायं ताकि जल्द राज्य आंदोलनकारियों के मसलें हल हो सकें और एक अच्छा सन्देश प्रदेश में जा सकें।
अध्यक्षता करते हुये केशव उनियाल ने कहा कि जल्द ही उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच एक प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आहूत करेगा जिसकी तिथि जल्द कार्यकारिणी में चर्चा कर घोषित की जायेगी। पुष्पलता सिलमाणा एवं राधा तिवारी के साथ अरुणा थपलियाल ने कहा कि जिलाधिकारी प्रदेश की अस्थाई राजधानी देहरादून में जल्द चिन्हीकरण की बैठक कर सूची जारी करें ताकि आंदोलनकारियों कों राहत मिल सकें। बैठक में सम्मान परिषद के उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल , सलाहकार केशव उनियाल , जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूड़ी , विशम्भर दत्त बौठीयाल , प्रदीप कुकरेती , मोहन सिंह रावत , गणेश डंगवाल , पुष्प लता उनियाल, प्रभात डंडरियाल, अरुणा थपलियाल, सुधीर नारायण शर्मा, दुर्गा प्रसाद क्षेत्री, रेणुका पंत, क्रांति अभिषेक, मनोज नौटियाल, यशोदा रावत, रेवती बिष्ट, द्वारिका बिष्ट, सुशील बीरमानी, वीरेंद्र रावत, सुशील चमोली, कमल सिंह गुसाईं, उमा दत्त जुगरान, राजेन्द्र प्रसाद डिमरी, भगवती प्रसाद, कंडारी जी, विनोद असवाल, मनमोहन सिंह नेगी , रतन अमोली , मान सिंह रावत , सूरत सिंह रावत, प्रताप सिंह रावत, मोहन खत्री, चंद्र किरण आदि
