देहरादून। उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए शासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत एडवाइजरी जारी कर राहत एवं बचाव तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने, भूस्खलन संभावित मार्गों पर मशीनरी तैनात रखने और जिला आपदा परिचालन केंद्रों को सक्रिय रखने के आदेश दिए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी
राज्य आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राहत एवं बचाव दलों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।
अनावश्यक यात्रा से बचें, यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा नदी-नालों, गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या 112, 1070 और 1077 हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई है।
देहरादून में जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर
देहरादून में भारी से अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर आ गया है। 20 जुलाई के लिए जारी रेड अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने सभी विभागाध्यक्षों, विभागीय नोडल अधिकारियों, क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, राहत व बचाव उपकरण और आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। भारी बारिश के कारण जलभराव, भूस्खलन और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है।