रस मलाई’ खाने पहुंचे इंस्पेक्टर साहब, दुकानदार ने अंदर बुलाया और बाहर से शटर कर दिया बंद

देहरादून। हर्रावाला में अवैध वसूली मामले में परिवहन विभाग की प्रवर्तन की कार्रवाई अब खुद कठघरे में खड़ी है।

‘रस मलाई’ खाने पहुंचे बाइक स्क्वायड के उप निरीक्षक शशिकांत तेंगोवाल को विभाग ने भले निलंबित कर खुद को पाक-साफ दिखाने का प्रयास किया हो, लेकिन इस कार्रवाई से ज्यादा चर्चा उस घटनाक्रम की हो रही है, जिसने सड़क पर चल रहे कथित ‘वसूली सिस्टम’ की परतें खोल दी हैं।

दरअसल, सोमवार को उप निरीक्षक शशिकांत हर्रावाला क्षेत्र में पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान ट्रांसपोर्टरों ने उन्हें ‘रस मलाई’ खाने के बहाने एक दुकान के भीतर बुलाया और बाहर से शटर बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक वह दुकान के भीतर ही फंसे रहे। बाहर ट्रांसपोर्टरों की भीड़ जमा रही और अंदर वर्दी में दारोगा। जब शटर खुला तो पूरा घटनाक्रम मोबाइल कैमरों में कैद हो चुका था

देखते ही देखते वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो गया और परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया। वीडियो में ट्रांसपोर्टरों की ओर से दारोगा पर लेनदेन और वसूली के आरोप लगाए जाते सुनाई दे रहे हैं। मामला तूल पकड़ता देख विभाग ने आनन-फानन में उप निरीक्षक को निलंबित कर दिया। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक प्रवर्तन अधिकारी दुकान के भीतर बंद क्यों था और ऐसी नौबत आई ही क्यों

रस मलाई’ की सफाई, लेकिन सवाल बरकरार

मामले के बाद विभागीय अधिकारियों की सफाई भी चर्चा में है। सूत्रों के अनुसार, उप निरीक्षक ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि वह दुकान पर केवल रस मलाई खाने गए थे। लेकिन जिस तरह ट्रांसपोर्टरों ने उन्हें अंदर बंद किया और गंभीर आरोप लगाए, उसने विभाग की पूरी कार्यप्रणाली को शक के घेरे में ला दिया है

आरटीओ प्रवर्तन डा. अनीता चमोला का कहना है कि दारोगा ड्यूटी के बाद दुकान में गया था और वीडियो में कोई नगदी दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि, विभाग ने मामले की गंभीरता देखते हुए मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी है।

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