देहरादून । पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आठ फरवरी को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाली महापंचायत को इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों का समर्थन है।
गुरुवार को कांग्रेस भवन में आयोजित बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश की जनता से महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया। रावत ने कहा कि वर्तमान में चल रही सीबीआइ जांच सरकार प्रायोजित शिकायत के आधार पर हो रही है और गठबंधन की मांग है कि जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता हत्याकांड के बाद प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हाल के दिनों में देहरादून जिले में युवतियों की हत्या की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि यह मामला प्रदेश की अस्मिता से जुड़ा है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी ने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से वीआइपी बताए जा रहे लोगों को बचाने की कोशिश करती रही है। सपा के राष्ट्रीय सचिव डा. सत्यनारायण सचान ने प्रदेश में बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और कोटद्वार व मसूरी की घटनाओं पर चिंता जताई। भाकपा नेता समर भंडारी और माकपा नेता सुरेंद्र सिंह सजवाण ने भी भाजपा सरकार पर महिला विरोधी नीतियों का आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता में विभिन्न दलों के नेताओं ने 12 फरवरी की देशव्यापी मजदूर हड़ताल का समर्थन किया और अंकिता मामले में न्याय की लड़ाई को सामाजिक व राजनीतिक स्तर पर आगे बढ़ाने की बात कही। इसमें हरीश रावत समेत कई दलों के नेता मौजूद रहे।