India US Trade Deal News: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर समझौता हो चुका है। ऐसे में आपको यह समझना जरूरी है कि आखिर टैरिफ होता क्या है और एक देश दूसरे देश पर इसे लगाता क्यों हैं?
Tariff Kya Hota Hai: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो जाने के बाद भारतीय शेयर बाजार में एक जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। बीते लंबे समय से दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर टैरिफ क्या होता है और देश एक-दूसरे पर इसे लगाते क्यों हैं?
क्या होता है टैरिफ?
टैरिफ दरअसल वह कर होता है, जो कोई देश दूसरे देश से आने वाले आयातित सामान पर लगाता है।
इसका सीधा असर व्यापार, उद्योग, उपभोक्ता कीमतों और अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलता है।
क्यों लगाया जाता है टैरिफ?
टैरिफ लगाए जाने का मुख्य उद्देश्य घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना होता है।
अगर किसी देश में बाहर से सस्ता सामान आता है, तो स्थानीय कंपनियों को इससे नुकसान पहुंच सकता है।
इसी चीज को देखते हुए सरकार टैरिफ बढ़ाकर आयात होने वाले सामान को महंगा कर देती है, ताकि घरेलू उत्पादों को बाजार में बराबरी का मौका मिल सके।
इन सब के अलावा टैरिफ सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी होता है।
इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि होती है, जिसकी मदद से विकास योजनाओं और सार्वजनिक खर्चों को पूरा किया जाता है।
कई देश टैरिफ का इस्तेमाल रणनीतिक और कूटनीतिक हथियार के तौर पर भी करते हैं।
आज के समय अमेरिका इसका इस्तेमाल इसी चीज के लिए कर रहा है।
इन सब के अलावा कई बार व्यापार संतुलन सुधारने या दूसरे देश पर दबाव बनाने के लिए भी टैरिफ बढ़ाए जाते हैं।
वहीं भारत-अमेरिका समझौते में टैरिफ कम होने के बाद दोनों देशों के कारोबारियों को लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है।
टैरिफ में कटौती का सीधा असर शेयर बाजार और निवेश माहौल पर देखने को मिल रहा है।
टैरिफ देशों की आर्थिक निती का एक अहम हिस्सा होता है।
अमेरिका के साथ टैरिफ समझौता होने के बाद निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
इसके अलावा उपभोक्ताओं को भी लंबे समय में फायदा मिलने की संभावना है।