तू अगर मेरी नहीं हो सकती तो किसी की भी नहीं हो सकती… फिल्म में यह डायलॉग बेशक मनोरंजन के लिए था लेकिन आकाश ने इसी तरह फिल्मी स्टाइल में गुंजन को हत्या की धमकी दी थी। और फिर देहरादून के दूल्हा बाजार में गुंजन की निर्मम हत्या कर दी।
मच्छी बाजार में जिस वक्त गुंजन की हत्या हुई उस समय आसपास बहुत से लोग मौजूद थे। गली से चीख-पुकार सुनकर और भी लोग वहां पहुंचे पर कोई भी गुंजन को बचाने के लिए आगे नहीं आया। ये कहना गुंजन की सहेली पायल का। वह इकलौती थी जिसने हत्यारोपी आकाश तो धक्का देकर गुंजन को बचाने की कोशिश की पर आकाश के हाथ में चापड़ देखकर वह सिहर गई।
गुंजन की माैत से आहत पायल वारदात के अगले दिन भी गुंजन के परिजनों संग मौजूद रही। वह कभी गुंजन की मां के आंसू पोछती तो कभी उसके भाई को संभालती। अमर उजाला से बातचीत में उसने बताया कि गुंजन जब गली में गाड़ी खड़ी करने गई थी, तब तक सब कुछ सामान्य था। वह रोज ही वहां पर गाड़ी खड़ी करने आती थी।
कभी-कभी वह घर के अंदर आकर मुझसे मिलती भी थी। पायल ने बताया कि सोमवार को भी वह उससे मिली थी। उसे अंदर आने के लिए कहा तो जल्दबाजी के कारण नहीं आई। कुछ ही देर में बाहर चीखने की आवाज आई तो वह दौड़कर वहां पहुंची।
पायल ने बताया कि जब वह गुंजन के पास पहुंची तब आकाश उस पर चापड़ से लगातार हमले कर रहा था। उसने धक्का देकर आकाश को हटाने की कोशिश की तो उसने उसकी तरफ भी चापड़ दिखाया। इससे वह सहम गई। पायल ने कहा कि सुबह बाजार खुलते ही काफी चहल-पहल थी। घटनास्थल के आसपास करीब 30-40 लोग मौजूद थे। पायल ने बताया कि उसने उन लोगों से गुंजन को बचाने की गुहार लगाई पर कोई भी आगे नहीं आया
वारदात के वक्त घटनास्थल पर मौजूद पायल ने बताया कि गुंजन पर हमले के बाद आकाश लोगों के बीच से ही भाग निकला। किसी ने भी उसे पकड़ने या रोकने की कोशिश तक नहीं की। घटनास्थल के आसपास मौजूद रहे अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने भी इसकी पुष्टि की।
आकाश के बार-बार तंग करने और गुंजन के प्रति उसके इरादों का दोनों के परिजनों को भी पता था। गुंजन के भाई अंश ने बताया कि आरोपी आकाश की पत्नी ने भी फोन करके आगाह किया था कि वह धारदार हथियार लेकर घूम रहा है। गुंजन पर हमला कर सकता है। आकाश इस तरह की पूर्व में धमकियां भी दे चुका था इसलिए किसी ने उतना गंभीरता से नहीं लिया।