देहरादून। नगर निगम दावा कर रहा कि शहर के 80 प्रतिशत क्षेत्र में नियमित कूड़ा उठान हो रहा है और कूड़ा वाहनों की निगरानी की जा रही, लेकिन सच इसके उलट है। स्थिति यह है कि शहर में नियमित या दो दिन तो छोड़िए, यहां तो हफ्ते से लेकर दस-दस दिन तक कूड़ा उठान गाड़ियां नहीं आ रही हैं।
लोगों का आरोप है कि निगम की गाड़ियां कूड़ा उठाने कहीं हफ्ते में दो बार आ रही तो कहीं एक बार। कुछ इलाके ऐसे भी हैं, जिनमें कूड़ा गाड़ियां 10 दिन के भीतर भी नहीं आती। ऐसे में कूड़ा घरों के भीतर ही सड़ रहा है।
गर्मियों और बरसात के दिनों में कूड़ा सड़ने से उसकी दुर्गंध भी घरों में फैल रही और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा।