नई दिल्ली :
New Rule: अगर आप भी फास्टैग से परेशान हो चुके हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है. क्योंकि बहुत जल्द फास्टैग गुजरा जमाना होने वाला है. सूत्रों का दावा है कि 23 जुलाई को पेश होने वाले बजट सत्र में फास्टैग को लेकर भी चर्चा होने की संभावनाएं हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि अब हाईवेज से टोल नाकों को हटाने की तैयारी की जा रही है. क्योंकि फास्टैग व्यवस्था लोगों को सुविधा कम और चूना ज्यादा लगा रही है. परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही फास्टैग को लेकर चर्चा कर चुके हैं. बताया जा रहा है कि अब दूसरे फॅार्मुले से फास्टैग कटेगा.. इसके लिए परिवहन मंत्रालय में काफी दिनों से ट्रायल भी चल रहा है.
जितना यूज उतने पैसे
नई तकनीक के मुताबिक यात्रा के हिसाब से ही वाहन चालक से पैसे वसूले जाएंगे. यानि प्रत्येक गाड़ी में जीपीएस सिस्टम (GPS system) लागू किया जायेगा. जिसे गाड़ी मालिक के अकाउंट्स से लिंक किया जाएगा. जितने किमी आपकी गाड़ी हाईवे पर चलेगी उतने ही पैसे आपके अकाउंट्स से काट लिए जाएंगे. इसका उद्देश्य यात्रियों की जेब पर पड़ने वाले टेक्स को कम करना है. ताकि यात्रियों की जेब से फिक्स चार्ज न काटना पड़े. हालांकि ये सिस्टम कब से शुरू होगा, इसका पता बजट सत्र के बाद ही चलेगा. फिलहाल सूत्रों का कहना है कि 23 जुलाई को इस पर चर्चा हो सकती है.
कट जाता है ज्यादा चार्ज
दरअसल, अभी तक जो देश के हाईवेज पर टोल नाके लगाए गए हैं. उन पर फास्टैग के माध्यम से टोल वसूला जाता है. लेकिन कई बार व्यक्ति टोल रोड का यूज कम करता है. लेकिन चार्ज उसको पूरा देना होता है. जिससे लोगों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है. उदाहरण के तौर पर दिल्ली मेरठ हाइवे को ही ले लीजिये यदि आप हाईवे पर मुरादनगर से चढे तो आपको फिर भी 90 रुपए ही टोल के भरने होंगे. जिससे कुछ लोगों ने तो हाईवे से चलना ही बंद कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत आपके अकाउंट्स से सिर्फ उतने ही पैसे कटेंगे, जितना आपने हाईवे का यूज किया है. यानि मुरादनगर से मेरठ की दूरी यदि 25 किमी है तो प्रति किमी के हिसाब से 25 रुपए ही आपको बैंक अकाउंट से काटे ऑटोमेटिक कट जाएंगे.