देहरादून। आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) की छापेमारी में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी के निर्देश पर निदेशक क्लेम डा. सरोज नैथानी के नेतृत्व में टीम ने पावरलाइफ, प्रेमसुख, प्रकाशदीप, वेलमेड और सुनंदा मेडिकल सेंटर का औचक निरीक्षण किया।
मरीजों से अवैध वसूली, बिना आवश्यकता आइसीयू में भर्ती, डाक्टरों की गैरमौजूदगी, खराब डायलिसिस सेवाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसी खामियां मिलने पर प्राधिकरण ने प्रकाशदीप व पावरलाइफ अस्पताल और सुनंदा मेडिकल सेंटर की डायलिसिस यूनिट की संबद्धता निलंबित करने की संस्तुति की है।
साथ ही प्रेमसुख व सुनंदाा अस्पताल पर आर्थिक दंड लगाने की भी संस्तुति की है। सभी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पावरलाइफ अस्पताल में मरीज अनावश्यक आइसीयू में भर्ती
पावरलाइफ अस्पताल में टीम को सामान्य वार्ड नहीं मिला। यहां छह बेड का एचडीयू और आठ बेड का आइसीयू संचालित होता मिला। टीम ने पाया कि घबराहट और उल्टी की शिकायत वाले एक मरीज को अनावश्यक रूप से आइसीयू में भर्ती रखा गया था
अस्पताल में टोल फ्री नंबर और सूचना-शिक्षा एवं संचार (आइईसी) सामग्री भी प्रदर्शित नहीं थी। आइसीयू की चार्टिंग अपडेट नहीं की गई थी, जबकि बायोमेडिकल वेस्ट की लाग बुक पिछले तीन माह से नहीं भरी गई थी।
प्रेमसुख अस्पताल में मिलीं कई खामियां
प्रेमसुख अस्पताल में आयुष्मान के लाभार्थी से 48 हजार रुपये और अन्य मदों में छह हजार रुपये लेने की शिकायत मिली। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्री-आथराइजेशन में देरी, रैंप का अभाव और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पाई गई।