देहरादून। देहरादून के पेट्रोल पंपों पर इन दिनों ईंधन की आपूर्ति को लेकर गंभीर संकट है। शहर के पंपों पर कभी डीजल तो कभी पेट्रोल खत्म हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, तेल कंपनियां सब कुछ सामान्य होने के दावे कर रही हैं
धरातल पर स्थिति यह है कि एडवांस भुगतान करने के बाद भी पंपों तक ईंधन समय से नहीं पहुंच पा रहा है। आपूर्ति में हो रही इस देरी के कारण पंप संचालक और वाहन चालक हर रोज परेशान हो रहे हैं।
तेल कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बाद से ही देश में पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना तेल कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। उत्तराखंड में इस समय पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के चरम पर होने के कारण वाहनों का दबाव अत्यधिक बढ़ गया है, जिसने इस संकट को और अधिक जटिल बना दिया है।
ईंधन आपूर्ति की अधिकांश और गंभीर समस्याएं इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड से जुड़े पंपों पर देखी जा रही हैं। अजबपुर स्थित माता मंदिर रोड और पथरी बाग चौक स्थित इंडियन आयल के पंपों पर बीते सप्ताह एडवांस भुगतान के बावजूद समय से तेल की डिपो से डिलीवरी नहीं हो सकी।
स्थिति यह रही कि पथरी बाग पंप प्रबंधन को मशीनों पर ‘नार्मल पेट्रोल खत्म’ होने का नोटिस चस्पा करना पड़ा। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, रिलायंस और नायरा के पंपों पर यह समस्या कम देखी गई।
आपूर्ति में आइओसीएल का सबसे बड़ा नेटवर्क
देहरादून जिले में इंडियन आयल कार्पोरेशन का सबसे बड़ा नेटवर्क है। जिले में संचालित कुल 165 पेट्रोल पंपों में से अकेले आइओसीएल के सबसे अधिक 71 पंप हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम 40 पंपों के साथ दूसरे और भारत पेट्रोलियम 34 पंपों के साथ तीसरे स्थान पर है। नायरा और रिलायंस के भी 10-10 पंप हैं। तेल कंपनियां इसके पीछे कभी ट्रैफिक जाम तो कभी टैंकर रिफिलिंग न होने के बहाने बना रही हैं।