देहरादून । यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का दम भरने वाले परिवहन विभाग की प्रवर्तन विंग अब खुद गंभीर लापरवाही के घेरे में है। चालान और सीजिंग की कार्रवाई में तेजी दिखाने वाला विभाग जब्त किए गए वाहनों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं कर पा रहा। शहर के बीच स्थित रेंजर्स ग्राउंड में खड़े सैकड़ों सीज वाहन आज पूरी तरह लावारिस हालत में पड़े हैं
स्थिति यह है कि जिन वाहनों को नियम तोड़ने पर जब्त किया गया, वे अब चोरी, तोड़फोड़ और अव्यवस्था के खतरे में हैं। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन इस व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए सात लाख की धनराशि पहले ही जारी कर चुका है, लेकिन महीनों बाद भी आरटीओ प्रवर्तन जमीन पर एक ईंट तक नहीं रख पाया
दरअसल, दिसंबर 2025 में जिलाधिकारी सविन बंसल ने सीज वाहनों को आशारोड़ी या आरटीओ कार्यालय तक ले जाने की समस्या खत्म करने के लिए रेंजर्स ग्राउंड के एक हिस्से को अधिकृत पार्किंग स्थल के रूप में चिह्नित किया था।
योजना यह थी कि यहां सीज वाहनों की सुरक्षित पार्किंग को बाउंड्रीवाल, सीसीटीवी कैमरे, फाइबर हट, सुरक्षा कर्मी और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने करीब सात लाख की धनराशि भी जारी कर दी। लेकिन कई महीने गुजरने के बावजूद प्रवर्तन विंग की ओर से निर्माण कार्य शुरू तक नहीं किया गया
कार्रवाई का दिखावा, सुरक्षा पर चुप्पी
परिवहन विभाग की प्रवर्तन विंग अभियान चलाकर वाहनों को सीज करने की तस्वीरें और आंकड़े जारी करता है, लेकिन उन्हीं वाहनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर विभाग की गंभीरता सवालों में है। एक ओर वाहन मालिक अपने वाहन छुड़ाने के लिए प्रक्रिया पूरी करते हैं, दूसरी ओर जब तक वाहन प्रशासनिक कब्जे में रहते हैं, तब तक उनके पार्ट्स चोरी होने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
आरटीओ का दावा, जल्द लगेंगे सीसीटीवी
इस मामले में आरटीओ (प्रवर्तन) डा. अनीता चमोला का कहना है कि जिला प्रशासन से सात लाख रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। जल्द ही रेंजर्स ग्राउंड में बाउंड्रीवाल, सीसीटीवी कैमरे और लाइटें लगाई जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि रात के समय ग्राउंड का निरीक्षण भी किया जाता है। लेकिन सवाल यही है कि जब बजट महीनों पहले जारी हो चुका, तो अब तक व्यवस्था जमीन पर क्यों नहीं उतरी।