देहरादून। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशे से जुड़ी गतिविधियों और अस्थायी ठहराव स्थलों के दुरुपयोग की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स पर सख्ती बढ़ा दी है।
गुरुवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हर गिरि, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी के साथ बैठक कर जिलेभर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह को निर्देश दिया कि टीम गठित कर जनपद में संचालित सभी होमस्टे, होटल, वेडिंग प्वाइंट्स और अन्य आवासीय-व्यावसायिक इकाइयों का चरणबद्ध सत्यापन कराया जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित होमस्टे गाइडलाइन के अनुरूप चेकलिस्ट तैयार कर हर इकाई का निरीक्षण किया जाए और सभी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
देहरादून में 1057 होमस्टे पंजीकृत
जनपद में वर्तमान में 1057 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 350 नगरीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। जिला प्रशासन ने इन शहरी होमस्टे को प्राथमिकता में लेते हुए उनकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों में मादक पदार्थों, अवैध गतिविधियों या संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होगी, उनके खिलाफ सीधे विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने सभी विभागों को समन्वय के साथ सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध गतिविधि, बिना अनुमति शराब परोसने या नियमों के उल्लंघन की जानकारी मिले तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें।
बार लाइसेंस से पहले होगी गहन जांच
बैठक में यह भी तय किया गया कि होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स में ओकेजनल बार लाइसेंस जारी करने से पहले सभी मानकों और शर्तों की गहन जांच होगी। यदि कहीं बिना लाइसेंस शराब परोसी जाती मिली या निर्धारित समय सीमा के बाद मदिरा परोसने की शिकायत मिली तो संपत्ति स्वामी, लीजधारक अथवा किरायेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
नियमों के उल्लंघन पर एक लाख रुपये जुर्माना
जिलाधिकारी ने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि नियमों के उल्लंघन पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यूनतम एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर गिरफ्तारी और अन्य कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
जांच के दायरे में क्या रहेगा
होमस्टे और होटल में ठहरने वाले लोगों का सत्यापन, पहचान पत्र रिकार्ड, सीसीटीवी व्यवस्था, लाइसेंस की स्थिति, किरायेदारी दस्तावेज, शराब परोसने की अनुमति, सुरक्षा इंतजाम और संचालन मानकों की जांच की जाएगी। विशेष रूप से उन इकाइयों पर निगरानी रहेगी, जहां देर रात गतिविधियां संचालित होती हैं