देहरादून में ओवरलोडिंग पर शिकंजा: विक्रम दौड़ रहे ओवरलोड, सिटी बस में टिकट नहीं

देहरादून। गुरुवार को सार्वजनिक परिवहन वाहनों से कार्यालय आ रहे परिवहन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी यात्री वाहनों की सेवाओं में सुधार के प्रयास कर रहे, लेकिन ट्रांसपोर्टर सुधरने को राजी नहीं हैं। स्थिति यह है कि अब भी सिटी बसों में न तो चालक व परिचालक वर्दी में चल रहे और न ही यात्रियों को टिकट दिया जा रहा।

शहर में यातायात व्यवस्था के बड़े बाधक विक्रम चालक को शायद न सुधरने की कसम खा चुके हैं और ओवरलोडिंग उनका शगल बना हुआ है। छह सवारी के स्थान पर विक्रम में अब भी 10-10 यात्री बैठाए जा रहे।

आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि पर्यावरण दिवस पांच जून से शुरू हुई इस कवायद का उद्देश्य शहर में आमजन को सुलभ व सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है। गुरुवार को जब कर्मचारी इन सेवाओं से कार्यालय पहुंचे और अनुभव साझा किए तो यही सामने आया कि सिटी बसों में अभी काफी सुधार होना बाकी है। हालांकि, बसों में साफ-सफाई व उनकी यांत्रिक-भौतिक दशा में सुधार हुआ है, लेकिन बसों में अभी भी मोटर वाहन अधिनियम व परमिट की शर्तों का अनुपालन नहीं हो रहा।

सिटी बस में यात्रा के दौरान टिकट नहीं दिया जा रहा। ऐसे सिटी बस स्वामी को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, इसके अलावा सभी मार्गों पर विक्रम ओवरलोड दौड़ते हुए मिले। हालांकि, सुबह व शाम को कुछ विक्रम चालक इस भय में कम सवारी बैठा रहे थे कि कोई आरटीओ का कार्मिक न हो, लेकिन अधिकांश का हाल बुरा रहा।

आरटीओ ने बताया कि अब परमिट शर्तों के विरुद्ध दौड़ रहे विक्रमों पर अब व्यापक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। आरटीओ ने क्षमता से अधिक यात्री बैठाने पर विक्रम व टाटा मैजिक का परमिट निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिन वाहनों की यांत्रिक व भौतिक दशा खराब है, उन्हें सुधार के लिए समय दिया गया है।

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