सावधान! इस मानसून सीजन में फैल रहा वायरल फीवर का नया रूप, इस तरह से रखें अपना ध्‍यान

 

देहरादून। वायरल फीवर एक आम स्वास्थ्य समस्या है। मौसम में होने वाले बदलाव के कारण इसका जोखिम बढ़ जाता रहा है। इन दिनों कभी बारिश-कभी धूप जैसे बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

लक्षण इस बार बेहद गंभीर

दून मेडिकल कालेज अस्पताल के बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. अशोक कुमार के अनुसार, यह वायरल फीवर ही है, लेकिन इसके लक्षण इस बार बेहद गंभीर हैं। जैसे यह बुखार लंबा चल रहा है, लोगों को कमजोर कर दे रहा है। खासकर बच्चों को इसने पस्त कर दिया है।

बुखार, गले में खराश, खांसी, सिरदर्द व थकान जैसे लक्षण आम हैं। क्या बच्चे और क्या बुजुर्ग, कोई भी इससे अछूता नहीं है। बड़ी समस्या यह है कि इस बार वायरल फीवर का नया रूप देखने को मिल रहा है। इस बार यह बुखार तीन-चार दिन में ठीक होने के बजाय 14 से 15 दिन रह रहा है।

उन्होंने बताया कि बाल रोग की ओपीडी में हर दिन करीब 150-160 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जिनमें 80 प्रतिशत वायरल फीवर से पीड़ित हैं। इनमें भी 20-25 प्रतिशत बच्चे गंभीर अवस्था में पहुंच रहे हैं। जिन्हें भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है

मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डा. अंकुर पांडेय ने बताया कि यह जरूरी है कि इस बुखार के लक्षण को समझें। शुरुआती लक्षण है तेज बुखार के साथ ही सिर में दर्द, जोड़ों में दर्द, दस्त, उल्टी, जुखाम, खांसी और पूरे शरीर में दर्द। तापमान 104 से 105 डिग्री फारेनहाइट तक जा रहा है।

ऐसे में इन लक्षणों के दिखते ही तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। उन्होंने बताया कि वायरल के कई मरीज 14 दिन तक भी पूरी तरह से रिकवर नहीं हो पाए हैं। जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, वे मौसम में बदलाव के दौरान संक्रमण और बुखार के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।

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