देहरादून। एक हाथ में स्टेयरिंग, एक हाथ से कान पर मोबाइल फोन, मुंह में बीड़ी, बेलगाम रफ्तार, ओवरलोडिंग व सवारियों से अभद्र व्यवहार। यह है दून की सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का हाल। यह सच गुरुवार को परिवहन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामने आया, जब वह विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने घर से सार्वजनिक यात्री वाहनों से संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) पहुंचे।
विक्रम और टाटा मैजिक वाहन में अतिरिक्त सीट लगाकर ओवरलोडिंग की जा रही तो सिटी बसों में गंदगी व फटी हुई सीट दिखीं। कहीं, स्टेज कैरिज परमिट वाहन निर्धारित मार्ग पूरा नहीं कर रहे तो कहीं मनमाना किराया वसूला जा रहा है। स्थिति यह है कि जिस मैजिक में आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी सवार थे, उसका चालक मोबाइल पर बात करते और बीड़ी पीते हुए वाहन चला रहा था।
जिस पर आरटीओ ने वाहन को सीज कर दिया। शहर में पर्यावरण संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने विश्व पर्यावरण दिवस (पांच जून) से नई पहल करते हुए आदेश दिए थे कि अब हर गुरुवार आरटीओ के समस्त कार्मिक सरकारी या निजी वाहन से नहीं, बल्कि सार्वजनिक यात्री वाहनों से कार्यालय आएंगे और शाम को वापस जाएंगे
उद्देश्य यह भी है कि इससे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की सच्चाई का पता परिवहन विभाग को चलेगा। आदेश दिया गया था कि प्रत्येक कार्मिक घर से कार्यालय तक की यात्रा का पूरा विवरण, अनुभव, किराया और संबंधित वाहन की पूरी जानकारी प्रपत्र पर देगा। ऐसे में आरटीओ के सभी 32 कार्मिक विभिन्न वाहनों से यात्रा करते हुए कार्यालय पहुंचे और अपनी रिपोर्ट दी।
स्मार्ट सिटी की इलेक्ट्रिक बसों को छोड़कर किसी भी वाहन की रिपोर्ट उचित नहीं रही। सिटी बसों, विक्रम व टाटा मैजिक समेत ई-रिक्शा में ओवरलोडिंग, वाहन गंदे होने और चालक-परिचालक के अभद्र व्यवहार की शिकायत मिली। आरटीओ ने बताया कि रिपोर्ट के आधार पर संबंधित यूनियनों से वार्ता की जाएगी, ताकि यात्रियों को हो रही असुविधा दूर की जा सके।
ऐसे पहुंचे दोनों आरटीओ
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी: अपने आवास सहस्रधारा रोड पर आइटी पार्क के नजदीक से सहस्रधारा रोड तक पैदल आए और वहां से विक्रम (यूके07-टीए-9308) से दर्शनलाल चौक पहुंचे। विक्रम में क्षमता से अधिक नौ यात्री सवार थे, जिनमें तीन महिला यात्री थीं। महिला यात्री ने बताया कि वह रोजाना कालेज जाती हैं। विक्रम की सीट पर तीन सवारी के बजाय चार सवारी बैठाने से उन्हें असुविधा होती है। विक्रम में गंदगी भी थी।
महिला यात्री ने बताया कि खुले पैसे न होने पर चालक शेष धनराशि नहीं लौटाते। आरटीओ दर्शनलाल चौक से घंटाघर तक पैदल पहुंचे और वहां से टाटा मैजिक (यूके07-टीडी-3882) से सिल्वर सिटी माल तक पहुंचे। आरटीओ के अनुसार मैजिक चालक अनियंत्रित गति से वाहन चला रहा था।
मैजिक में अतिरिक्त सीट लगी हुई थी। चालक मोबाइल पर बात करते हुए और बीड़ी पीते हुए चल रहा था। वह वर्दी में भी नहीं था। हालांकि, वाहन में किराया आनलाइन भुगतान के लिए स्कैनर लगा हुआ था। वाहन से उतरकर किराया देकर आरटीओ पैदल कार्यालय में पहुंचे।
आरटीओ (प्रवर्तन) डा. अनीता चमोला: कुल्हान सहस्रधारा रोड से कोई सीधी परिवहन सेवा न होने के कारण आटो से आरटीओ कार्यालय पहुंची। जिसमें पाया गया कि सहस्रधारा रोड-आइटी पार्क से कैनाल रोड-राजपुर रोड-घंटाघर तक सीधी वाहन सेवा की आवश्यकता है।