देहरादून। रिंग फेंस योजनाओं का बजट न मिलने से शहर के विभिन्न इलाकों में बिछने वाला सीवेज नेटवर्क लटकता नजर आ रहा है।
जबकि पेयजल निगम में दो महीने पहले शहर के एक दर्जन से अधिक इलाकों में सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए 62.44 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को भेज चुका है, लेकिन स्वीकृति और बजट न मिलने से कार्यों को गति नहीं मिल पा रही। यदि यह कोशिश रंग लाती तो 34 हजार से अधिक परिवारों को सीवर के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
दून के नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में सिर्फ 60 प्रतिशत हिस्से में सीवेज नेटवर्क बिछा है और करीब 57 हजार परिवार के घरों से निकलने वाला सीवर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचकर व्यवस्थित हो रहा है, जबकि 1.50 लाख से अधिक परिवार का सीवर अब भी घरों में मौजूद सोक पिट में एकत्र होता है।
दिसंबर 2024 में पेयजल निगम को सीवर योजनाओं के निर्माण के लिए रिंग फेंस योजना के तहत 120 करोड़ रुपये के बजट की मंजूरी मिली थी। यह बजट विशेष परियोजना या उद्देश्य के लिए आरक्षित होता है। बजट की मंजूरी मिलते ही निगम ने शहर के सीवर को व्यवस्थित करने के लिए सर्वे और प्रस्ताव बनाने की कसरत शुरू कर दी।
निगम ने शहर के 12 से अधिक इलाकों का 62.44 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया। जिसमें निगम ने 375 किमी में पाइपलाइन बिछाकर 34,230 परिवार के सीवर को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाने का खाका खींचा। निगम ने मार्च के आसपास सभी प्रस्ताव बनाकर शासन भेज दिये। जिसमें से कई प्रस्ताव को विभागीय व्यय वित्त समिति की बैठक में मंजूरी भी मिल गई, लेकिन अभी तक बजट मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। इस कारण सभी प्रस्ताव लटके हैं।