Delhi
गर्मी के मौसम में हर साल नौ दिन आम जनता पर भारी गुजरते हैं। इन नौ दिन में सूर्य भगवान रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं। सूर्य की किरणे धरती पर सीधे (लंबवत) पड़ती हैं। जिस कारण उनका तापमान सर्वाधिक रहता है। इन नौ दिनों को नौतपा कहा जाता है।
इस वर्ष यह नौतपा की अवधि 25 मई से शुरू होकर 8 जून तक रहेगी। इस वर्ष मई में अधितकम तापमान 40.6 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके चलते मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार ये नौ दिन भारी गुजरने वाले हैं। उनका कहना है कि अगर इन नौ दिनों से पहले वर्षा नहीं हुई तो नौतपा आग उगलेगा।जिसके चलते लोग पूरे दिन उसम भरी गर्मी से जूझना पड़ेगा।
हिंदू मान्यता के अनुसार, भगवान सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा प्रारंभ हो जाता है। नौतपा के दौरान सूर्य की लंबवत किरणें धरती पर पड़ती हैं, सूर्य भगवान रोहिणी नक्षत्र में 15 दिनों के लिए आते हैं। जिसके शुरुआती नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि यदि इन नौ दिनों में बारिश न हो और ठंडी हवा न चले तो बरसात अच्छी होती है।
मानसून का गर्भकाल होता है नौतपा
बड़ा मंदिर मुक्तेश्वर नाथ के पुजारी डा. विपिन चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सूर्य की गर्मी और रोहिणी के जल तत्व के कारण मानसून गर्भ में आ जाता है। नौतपा ही मानसून का गर्भकाल माना जाता है। जिस समय में सूर्य रोहिणी नक्षत्र में होते हैं उस समय चन्द्रमा नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं, यही कारण है कि इसे नौतपा कहा जाता है। इस नक्षत्र में सूर्य करीब 15 दिनों तक मौजूद रहेंगे लेकिन शुरुआती 9 दिनों में अधिक गर्मी होती है।
अच्छी बारिश का कारण बनता है नौतपा
कृषि अनुसंधान केंद्र की मौसम वेधशाला के पूर्व मौसम प्रेक्षक आरके शर्मा व सतीश कुमार बताते हैं कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं। इसके चलते पृथ्वी पर तापमान बढ़ जाता है। नौतपा के दौरान अधिक गर्मी के चलते मैदानी क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनता है। समुद्र की लहरें आकर्षित होती हैं। इससे अच्छी बारिश होने की संभावना बनती है।