देहरादून। Respana to Dharampur Flyover: देर से ही सही सरकारी मशीनरी अब शहर में बेकाबू हालत में पहुंच चुकी यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए तत्परता से जुट चुकी है।
रिस्पना पुल पर लगने वाले भीषण जाम को देखते लोनिवि ने पुल के पास नेहरू कालोनी तिराहे से धर्मपुर चौक के पास तक फ्लाईओवर बनाने की योजना बनाई है। धरातल पर यह योजना कितनी कारगर साबित हो सकती है, यह परखने के लिए लोनिवि ने फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए शनिवार को टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं।
लोनिवि से प्राप्त जानकारी के अनुसार फ्लाईओवर की लंबाई करीब एक किलोमीटर होगी और यह फोरलेन बनाया जाएगा। वर्तमान सड़क दो से तीन लेन की है।
जाम के दिन प्रमुख जोन
रिस्पना पुल से लेकर धर्मपुर तक जाम के दिन प्रमुख जोन हैं। पहला जोन स्वयं रिस्पना पुल है। यहां पर स्थानीय और राजमार्ग पर आवागमन करने वाले वाहन आपस में क्रास करते हैं। जिससे रिस्पना पुल से अजबपुर आरओबी और विधानसभा तिराहे के साथ ही शहर की तरफ नेहरू कालोनी तिराहे तक का पूरा भाग जाम से बेहाल रहता है।
दूसरी तरफ धर्मपुर चौक जेएनएनयूआरएम में चौड़ीकरण के बाद भी मौजूदा यातायात दबाव में बेहद संकरा साबित हो रहा है। जब यहां रेड लाइट के दौरान रिस्पना पुल की तरफ से आने वाले वाहन रुकते हैं तो सड़क का 80 प्रतिशत हिस्सा बाधित हो जाता है। ऐसे में माता मंदिर और रेसकोर्स की तरफ से आने वाले वाहनों को चौक पार करने में पसीने छूट जाते हैं।
लिहाजा, इस पूरे क्षेत्र में जाम की समस्या दूर करने के ली फिलहाल फ्लाईओवर निर्माण ही एकमात्र विकल्प नजर आता है। अधिकारियों के मुताबिक टेंडर की अवधि 19 मई तक है। फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार किए जाने के बाद परियोजना के भविष्य की तस्वीर साफ हो सकेगी।
एलाइनमेंट से लेकर भूमि अधिग्रहण पर तस्वीर होगी साफ
फिजीबिलिटी रिपोर्ट में सिर्फ यह साफ होगा कि प्रस्तावित फ्लाईओवर कितना उपयोगी साबित होगा, बल्कि इसका एलाइनमेंट और निर्माण की जद में आने वाली भूमि पर भी तस्वीर साबित होगी।
जमीन अधिग्रहण पर तस्वीर साफ होने से निर्माण से इतर के खर्च होने वाले बजट के बारे में अहम जानकारी स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट में यह भी बताया जाएगा कि निर्माण के दायरे में कितनी लाइनें (बिजली, पानी आदि) और ढांचे आ रहे हैं। ताकि सरकारी मशीनरी को निर्णय लेने में मदद मिल सके।
रिस्पना पुल पर डिजाइन क्षमता से 5.67 गुना वाहन दबाव
रिस्पना पुल चौक का निर्माण 2900 पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) वाहन दबाव के हिसाब से किया गया है। वहीं, वर्तमान समय पर इस क्षेत्र पर वाहन दबाव बढ़कर 16 हजार 453 पीसीयू हो चुका है। इससे समझा जा सकता है कि रिस्पना पुल क्षेत्र से वाहनों को गुजरने में कितनी मशक्कत करनी पड़ती होगी।