डोईवाला। देहरादून एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर तहसील प्रशासन की टीम ने धरातलीय सर्वे कर 90 परिवार चिह्नित किए हैं। वहीं, वन विभाग ने भी विस्तारीकरण की जद में आ रहे पेड़ों की गिनती की है जिसमें करीब छह हजार पेड़ इसकी जद में आ रहे हैं।
अब अधिकारी रिपोर्ट तैयार कर इसे शासन में भेजेंगे। जहां से इसमें निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि देहरादून एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए कुल 53 हेक्टेयर भूमि का होगा उपयोग किया जाएगा, जिसमें से 48 हेक्टेयर भूमि वन विभाग और 5.344 हेक्टेयर निजी भूमि है।
उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करने के लिए देहरादून एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाना जरूरी है। इसके लिए एयरपोर्ट का विस्तारीकरण होना है। जिसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी देहरादून ने भी बैठक में एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश अधीनस्थ अधिकारियों को दिए थे। इसके बाद बुधवार को तहसील प्रशासन की टीम के साथ ही युकाडा व अन्य विभागों की टीम ने एयरपोर्ट के समीप करीब 5.344 हेक्टेयर निजी भूमि का सर्वे पूरा किया, जिसमें 43 घर चिह्नित करते हुए 90 परिवारों को यहां से विस्थापित किया जाना है, जिसमें से केवल 60 परिवार ही मूल टिहरी विस्थापित है।
वहीं इस अधिग्रहण में अपने रिश्तेदारों के साथ ही अन्य चार परिवार भी अपना विस्थापन चाहते हैं। इसको लेकर उनकी भी रिपोर्ट अधिकारियों ने अलग से तैयार की है। वहीं करीब 48 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण से पूर्व इसमें पेड़ों की गिनती पूरी कर ली गई है, जिसमें करीब छह हजार पेड़ जिसमें साल, सागौन, शीशम, खेर के अलावा अन्य मिश्रित वन हैं। जो कि इस विस्तारीकरण की जद में आएगा।
भूमि स्थानांतरण के बाद इन पेड़ों को हटाने का कार्य भी किया जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का तैयार किया जा सकेगा। इस अवसर पर राजस्व उप निरीक्षक प्रदीप सिंह, युकाडा से एमएल आर्य, एसएलओ कार्यालय से पवन नौटियाल आदि मौजूद रहे