Chardham Yatra 2025: आज यानी 30 अप्रैल 2025 से चारधाम यात्रा की शुरुआत हो रही है. हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा का महत्व बहुत ज्यादा है. चारधाम यात्रा यमुनोत्री से शुरू होती है, जो यमुनोत्री धाम से शुरू होती है और गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम और आखिर में बद्रीनाथ धाम जाकर समाप्त होती है. चारधाम की यात्रा में शामिल होने के लिए आपका रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है. रजिस्ट्रेशन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से होता है. रजिस्ट्रेशन 60% ऑनलाइन होते हैं तो 40% रजिस्ट्रेशन ऑफलाइन होते हैं
ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें
यात्रा के पहले 15 दिनों तक 24 घंटे ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया जा सकता है. इसके बाद डिमांड के अनुसार, समय में बदलाव किया जाएगा. ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश में 20 पंजीकरण केंद्र बनाए गए हैं.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आपको registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाना होगा. आप यहां ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन निशुल्क होगा यानी आपको इसके लिए कोई भी फीस नहीं चुकानी होगी.
बगैर रजिस्ट्रेशन गए तो क्या होगा
रजिस्ट्रेशन फ्री होने के बाद भी बहुत सारे लोग बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा के लिए पहुंच जाते हैं. अगर बिना रजिस्ट्रेशन के आप चारधाम पर जाते हैं तो आपको चेकिंग प्वाइंट पर ही रोक दिया जाएगा और वहां से आपको भेज दिया जाएगा. इसलिए आप रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद ही चारधाम की यात्रा करें. बगैर रजिस्ट्रेशन चारधाम यात्रा जाने वाले लोग दर्शन नहीं कर पाएंगे. इसके साथ ही बिना रजिस्ट्रेशन के गए लोग डंडी, घोड़े-खच्चरों का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएंगे.
गाड़ियों के लिए ये हैं नियम
कोई गाड़ी अगर बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रियों को लेकर आती है तो उस पर अलग से कार्रवाई होगी. उत्तराखंड सरकार के नियमों के अनुसार, चारधाम की यात्रा करवाने के लिए वाहनों को ग्रीन कार्ड बनवाना होता है.