देहरादून। दून में घर-घर कूड़ा उठान व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए व्यापक स्तर पर बदलाव किए गए हैं। लचर कार्यशैली और फर्जीवाड़े के चलते वाटरग्रेस और इकोन दोनों कंपनियों को बाहर कर दिया गया है। अब नगर निगम एक मई से व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है।
जिसके बाद घर-घर कूड़ा उठान कार्य पटरी पर लौटने की उम्मीद है। जिलाधिकारी के प्रशासक काल में की गई सख्ती के बाद लंबे समय से निगम को चूना लगा रही कंपनियों को बाहर किया गया।
कर्मचारियों को समय पर वेतन न देने वाली इकोन कंपनी से विधिक तौर पर काम छीनकर 26 वार्डों से कूड़ा उठान का जिम्मा अब सनलाइट कंपनी को दे दिया गया है।
जिलाधकारी सविन बंसल ने जांच बैठाई
इंकोन कंपनी को फर्जी तरीके से टेंडर जारी करने का आरोप है, जिस पर जिलाधकारी सविन बंसल ने जांच बैठाई थी और फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद अब इस मामले में निगम स्तर पर जांच चल रही है। वहीं, फर्जीवाड़े पर ही वाटरग्रेस कंपनी से काम छीनकर नगर निगम घर-घर कूड़ा उठान का कार्य खुद देख रहा है।
कंपनी के काम पर लगातार सवाल उठते हुए डीएम ने प्रशासक रहते हुए कई समीक्षा बैठक, चेतावनी, नोटिस, भारी अर्थदंड लगाया था। जिस पर डीएम ने वाटरग्रेस से 47 वार्डों का सफाई का कार्य हटा दिया था। जिसके बाद इकोन को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।