देहरादून। रेसकोर्स स्थित पुलिस मैदान में पत्रकारों के साथ हुई अभद्रता के आरोप में शनिवार को राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रालोद के पदाधिकारियों ने कांग्रेसियों पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता पर हमला करने का आरोप लगाया। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।
शनिवार को राष्ट्रीय लोक दल के कार्यकर्ता लैंस डाउन चौक पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद रालोद कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता करन माहरा का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया।
4 दिसंबर को रेसकोर्स पुलिस मैदान में हुई थी अभद्रता
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने आरोप लगाया कि 4 दिसंबर को रेसकोर्स पुलिस मैदान में पत्रकारों के बीच फाइनल क्रिकेट मैच चल रहा था। उसी दिन कांग्रेस का नशे के खिलाफ सचिवालय कूच कार्यक्रम था, जिसके तहत पुलिस ने कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में भेज दिया, लेकिन आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्रिकेट मैच में दखल देने की कोशिश की और इसके बाद विवाद उत्पन्न हो गया।
पत्रकारों ने समझाया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं माने- राजेंद्र
राजेंद्र पंत ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने पत्रकारों के साथ अभद्रता की और उनके साथ हाथापाई पर उतर आए। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता भी मैदान में उतरे और स्थिति को और बिगाड़ दिया। पंत के मुताबिक, पत्रकारों ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं माने और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
इस मौके पर ये लोग रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य प्रवक्ता अनुपम खत्री, अशोक चौधरी, उदय वीर सिंह, पप्पू मेजर, महिला प्रदेश सचिव यशोदा रावत, महानगर अध्यक्ष गोविंद बाधवा, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सुनीता साहनी, सुंदर रावत, अनिल देवरानी, संजय तितोरिया, मोहिनी चौधरी, प्रीति गुप्ता, प्रकाश पंत, सुरेंद्र यादव, इंदु थापा और आरती चौधरी जैसे नेता मौजूद रहे। रालोद ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जानबूझकर पत्रकारों के काम में हस्तक्षेप किया और इस तरह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को निशाना बनाया।