New Delhi:
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रविंद्र वायकर के रिश्तेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद ईवीएम को लेकर देश में एक बार फिर घमासान मचा हुआ है. ईवीएम के मुद्दे पर सरकार और विपक्षी दल आमने-सामने आ गए हैं. विपक्षी पार्टियां ईवीएम पर तमाम तरह के आरोप लगा रही हैं. इस बीच विपक्षी नेताओं के आरोपों का जबाव देते हुए चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना स्पष्टीकरण दिया. चुनाव आयोग ने ईवीएम को लेकर विपक्षी पार्टी के सभी नेताओं के आरोपों को एक सिरे से खारिज किया. चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम को न तो किसी ओटीपी से अनलॉक किया जा सकता है और न ही किसी डिवाइस से कनेक्ट किया जा सकता है.
ईवीएम को लेकर कुछ गलत खबरें चलाई गईं
रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने बताया कि इन दिनों ईवीएम को लेकर कई तरह की खबरें सामने आ रही हैं. लेकिन ईवीएम को किसी भी ओटीपी से अनलॉक नहीं किया जा सकता. यही नहीं ईवीएम को किसी डिवाइस से कनेक्ट भी नहीं किया जा सकता. रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा कि ईवीएम को लेकर कुछ गलत खबरें चलाई गई हैं. यह एक स्टैंड अलोन सिस्टम हैं, जिसके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. उन्होंने बताया कि ईवीएम को लेकर गलत खबर चलाने वालों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है. साथ ही आईपीसी की धारा 499 के तहत मानहानि का भी केस दर्ज किया गया है.
कार्रवाई की तैयारी
रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने आगे कहा कि मैंने गलत खबर चलाने वालों को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी. अब उनकों 505 आईपीसी व 499 आईपीसी के तहत नोटिस भेजे जाएंगे.