देहरादून। जरा सोचकर देखिए, जिन बच्चों के सिर पर से मां का आंचल छिन जाए और पिता कुछ कमाई न करते हों। उनका भविष्य कैसा होगा? भविष्य भी छोड़िए, उनका जीवन कैसे आगे बढ़ेगा? इन्हीं सवालों और भविष्य के अंधकार को लेकर तपोवन निवासी सरिता गुहार लगाते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुंची थीं।
उसने बताया कि उनकी तीन छोटी बहने हैं। मां की मौत और पिता की अकर्मण्यता की स्थिति में बहनों की पढ़ाई बंद हो गई है। यह सुनकर एक पल के लिए वह भी दुखी हो उठे। हालांकि, समाज के वंचित वर्ग की बेहतरी के लिए हर पल तत्पर रहने वाले जिलाधिकारी ने सरिता को निराश नहीं किया और उनकी तीनों बहनों की शिक्षा का जिम्मा उठाया।
बड़ी बहन की गुहार पर जिलाधिकारी ने कराया तीन बहनों का स्कूल में दाखिला
जिलाधिकारी के निर्देश पर सरिता की तीनों बहनों का राजकीय प्राथमिक विद्यालय लाडपुर में दाखिला करा दिया गया है। उन्हें आवश्यक शिक्षण सामग्री, यूनिफार्म आदि भी मुहैया करा दी गई है। हालांकि, सरिता अपनी तीन बहनों का भरण पोषण कैसे कर सकेगी, यह सवाल अपनी जगह कायम था।
बड़ी बहन को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़कर बेहतर भविष्य की उम्मीद को भी किया जिंदा
लिहाजा, जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र को निर्देश दिए कि सरिता को रोजगारपरक प्रशिक्षण से जोड़कर सेवायोजित किया जाए। इस दिशा में भी आवश्यक औपचारिकता पूरी की जा चुकी है। जल्द ही सरिता प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से जुड़ जाएगी।