देहरादून। Uttarakhand Crime: सिलीगुड़ी बंगाल से एक छात्र कंप्यूटर इंजीनियर बनने का हसीन सपने संजोकर पढ़ने के लिए देहरादून पहुंचा और प्रेमनगर स्थित एक इंजीनियरिंग कालेज में दाखिला लिया। चार महीने में ही उसे पंख लग गए और वह साइबर अपराधी बन बैठा। पढ़ने के बजाए उसने अपना दिमाग ठगी की तरफ लगा दिया और साइबर ठग बन गया।
जेई मेंस परीक्षा में 90 प्रेसेंटाइल
फर्जी वेबसाइट बनाकर उसने पूरा सिस्टम बना दिया और देशभर में ठगी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए गए सिलीगुड़ी के युवक कृपाल शर्मा का पिता लकड़ी के व्यापारी हैं। कृपाल पढ़ाई में काफी होनहार है और वर्ष 2024 में जेई मेंस परीक्षा उसने 90 प्रेसेंटाइल नंबर से परीक्षा पास की। इसके बाद प्रेमनगर स्थित इंजीनियरिंग कालेज में कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया
हॉस्टल की फीस प्रतिमाह 16 हजार
कालेज की फीस तो स्वजनों ने भर दी जबकि हॉस्टल की फीस प्रतिमाह 16 हजार उसे हर माह भरनी पड़ती है। धीरे-धीरे उसे महंगे शौक का चस्का चढ़ने लगा, जिसके कारण खर्चे भी बढ़ने लगे। खर्चे पूरे करने के लिए उसने फर्जी वेबसाइट बनाकर युवक-युवतियों को ठगने शुरू कर दिए।
जांच अधिकारियों की मानें तो वह फर्जी वेबसाइट पर नौकरी का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये प्रति माह कमा रहा था। इतने रुपये कमाने के बावजूद उसने पिछले डेढ़ माह से हॉस्टल का किराया नहीं भरा। वह इतना खर्चा कहां कर रहा था, इसकी पूरी जानकारी पुलिस को भी नहीं मिल पाई है।
आरोपित युवक के स्वजनों को भी किया सूचित
बहरहाल पुलिस ने आरोपित युवक के स्वजनों को भी सूचित कर दिया है। युवक ठगी की घटनाएं अकेले ही कर रहा था या उसके साथ कुछ भी थे, इसकी भी जांच की जा रही है।