वर्दी का शौक पूरा नहीं हुआ तो बन गया फर्जी सैन्य अधिकारी…, सेना में भर्ती करने के नाम पर युवाओं को ठगने वाला दबोचा

 

देहरादून। युवाओं को सेना में भर्ती कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपित नकुड़ जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी 25 वर्षीय प्रमोद कुमार का बचपन से ही सेना की वर्दी पहनने का शौक था।

10वीं के बाद वर्ष 2018 में उसका सेना में जाने का सपना पूरा हो भी गया था, लेकिन सत्यापन में आई अड़चन ने उसके सपनों पर पानी फेर दिया। कई साथी आर्मी में भर्ती हो गए, जिसके चलते प्रमोद को मलाल होने लगा। इसके बावजूद प्रमोद ने वर्दी पहनने की जिद नहीं छोड़ी और सैन्य अधिकारी की वर्दी पहनकर ठगी करना शुरू कर दिया।

उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के अधिकारियों की मानें तो प्रमोद के कुछ दोस्त सेना में हैं, जिनकी तैनाती देहरादून में ही है। वह उनके माध्यम से आर्मी क्षेत्र में घूमता रहता था। उसने अपनी इंटरनेट सभी प्रोफाइल में सैन्य अधिकारी की फोटो लगाई है।

स्वजन को भी बताया कि वह सेना में अधिकारी है। इसके बाद आरोपित ने देहरादून से ही सेना की वर्दी ली और फर्जी पहचान पत्र बनाया। उसने अपनी कुछ फोटो मिलिट्री अस्पताल व आसपास खिंचवाई और अपने पास रख ली। इन्हीं फोटो को दिखाकर वह स्वजन व युवकों को झांसे में लेता रहा।

सेना की वर्दी पहनकर घर जाता था प्रमोद

प्रमोद कुमार जब भी अपने घर जाता था तो सेना की वर्दी में होता था। ऐसे में सभी को यह विश्वास था कि प्रमोद कुमार सेना में अधिकारी है। आरोपित ने शादी भी सेना के अधिकारी की बेटी से की। इस समय उसकी एक बेटी भी है। परिवार का खर्चा भी वही उठाता था। ऐसे में उसने अपनी जान-पहचान वालों को सेना में भर्ती का झांसा देकर ठगी करनी शुरू कर दी। अधिकतर ठगी के शिकार सहारनपुर व आसपास क्षेत्र के रहने वाले हैं।

भर्ती होने के लिए दोबारा कर रहा था 10वीं

पुलिस के अनुसार, आरोपित ने 2018 में प्रमोद कुमार नाम से 10वीं की थी। सत्यापन में गड़बड़ी होने के चलते जब नियुक्ति नहीं हो पाई तो अब नाम बदलकर व उम्र कम करके दोबारा 10वीं कर रहा था, ताकि दोबारा भर्ती हो सके। आरोपित की गिरफ्तारी के बाद अब एसटीएफ व आर्मी इंटेलीजेंस उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। ठगी की घटना को अंजाम देने में अन्य व्यक्तियों का हाथ होने की भी संभावना जताई जा रही है।

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