देहरादून। Ayushman Card: दून मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में मरीजों को अब इलाज के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हाल में कुछ प्रकरण सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी की व्यवस्था में कुछ बदलाव किए हैं। जिसमें आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी (ईएमओ) के अधिकार बढ़ाए गए हैं।
ईएमओ अब संबंधित विभागों के दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा किए बगैर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। निराश्रित एवं गरीब रोगियों का आयुष्मान कार्ड न होने की स्थिति में भी उनका उपचार नहीं रुकेगा। ईएमओ को उन्हें निशुल्क भर्ती करने व आवश्यक जांच कराने का अधिकार रहेगा।
ईएमओ को निश्शुल्क भर्ती करने एवं आवश्यक जांच कराने का अधिकार
इमरजेंसी से जुड़ी शिकायतों पर प्राचार्य डा गीता जैन ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने विभागाध्यक्षों की सीधी जवाबदेही तय कर दी है। जिसमें मरीजों के हितार्थ इमरजेंसी/पालीट्रोमा प्रोटोकाल का अक्षरश: पालन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। चिकित्सा अधीक्षक डा अनुराग अग्रवाल ने बताया कि प्राचार्य के निर्देशानुसार व्यवस्था बना दी गई है। जिसकी नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
निराश्रित एवं गरीब रोगियों का आयुष्मान कार्ड न होने की स्थिति में ईएमओ को उन्हें निश्शुल्क भर्ती करने एवं आवश्यक जांच कराने का अधिकार रहेगा। किसी भी प्रकार की अस्पष्टता/विलंब की स्थिति में ईएमओ संबंधित विभागों के दिशा-निर्देश की प्रतीक्षा किए बगैर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर सकेंगे।
नकली दवाइयों की तस्करी करने वाले गैंग को चिह्नित कर करें सख्त कार्रवाई
हरिद्वार : जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय मासिक नारको कोर्डिनेशन सेंटर की बैठक जिला कार्यालय सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने युवा पीढ़ी में बढ़ रहे नशे के प्रकोप को प्रभावी रूप से विराम लगाने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर नशे के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने को निर्देशित किया गया।
निर्देश दिए कि फैक मेडिसिन (नकली दवाइयों) तथा तस्करी से संबंधित सूचना मिलने पर तत्काल ऐसे गैंगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करते बंद पड़ी फार्मा कंपनियों का भी समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए। मेडिकल स्टोर्स पर पैनी नजर रखी जाए तथा समय-समय पर छापेमारी की कार्यवाही की जाए। जनपद में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर छापेमारी को पुलिस, राजस्व तथा चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम के गठन करने के लिए निर्देशित किया गया है।अवैध नशा मुक्ति केंद्रों को बंद कराने के निर्देश दिए।
नशे से पीड़ित युवाओं के उपचार के लिए भगवानपुर में नशा मुक्ति केंद्र शीघ्रता से खोलने की कार्यवाही करने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिये। जिलाधिकारी ने बस चालकों विशेषकर रोडवेज के बस कंडक्टरों से आह्वान किया कि वह किसी भी अजनबी व्यक्ति के सामान को न लेकर आएं। कोरियर का कार्य न करें। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव एवं विभिन्नि अधिनियमों की जानकारी को साइन बोर्ड लगाने के निर्देश समाज कल्याण तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए।