Delhi-Dehradun Expressway के कारण पर्यटकों के लिए दूर हो जाएगा मसूरी! करना पड़ेगा एक्‍स्‍ट्रा 50 किमी का सफर

 

देहरादून। Delhi-Dehradun Expressway: आने वाले दिनों में शुरू होने जा रहे दिल्ली-देहरादून हाईवे के कारण शहर में बढ़ते यातायात को ध्यान में रखते हुए यातायात निदेशालय और गढ़वाल परिक्षेत्र ने बाईपास प्लान तैयार किया है।

प्लान लागू हुआ तो आशारोड़ी से मसूरी जाने वाले पर्यटकों को 50 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। निदेशालय की ओर से वन-वे प्लान केवल मसूरी के लिए तैयार किया गया है।

रोजाना पहुंचते हैं 10 से 15 हजार वाहन

पर्यटक सीजन में मसूरी में रोजाना 10 से 15 हजार वाहन पहुंचते हैं, जबकि मसूरी में पार्किंग की क्षमता केवल पांच हजार वाहनों की है। कई बार स्थिति यह बन जाती है कि होटल और पार्किंग नहीं मिलने पर पर्यटकों को वाहनों में ही रात गुजारनी पड़ती है

इसी बात को ध्यान में रखते हुए यातायात निदेशालय की ओर से पहले ही एक यातायात प्लान तैयार कर दिया है, ताकि यदि एक्सप्रेसवे शुरू होने पर अचानक वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो पर्यटकों को शहर के बाहर से ही मसूरी भेजा जाएगा और वहीं से वापस किया जाएगा। वाहन शहर में दाखिल न होने से जहां शहरवासियों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी, वहीं पहले से ही दबाव में चल रहे यातायात को भी राहत मिलेगी।

जीपीएस पर डाला जाएगा रूट

बाहरसे आने वाले अधिकतर पर्यटक गूगल मैप से अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। ऐसे में आशारोड़ी से मसूरी जाने के लिए इसी रूट को ही जीपीएस पर डाला जाएगा। आशारोड़ी से गूगल मैप मसूरी जाने के लिए यही रास्ता दिखाएगा। व्यवस्था बनाने के लिए जगह-जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

मुख्य रूप से आशारोड़ी, आइएसबीटी व शिमला बाईपास चौक से बैरियर लगाकर पर्यटकों को इस रूट पर मसूरी भेजा जाएगा। यदि कोई पर्यटक गलत जानकारी देकर आगे पहुंचेगा उसे निरंजनपुर चौक से बल्लीवाला फ्लाईओवर होते हुए मसूरी भेजा जाएग

रूट प्लान का यातायात पुलिस ने भी जायजा ले लिया है। यदि कहीं पर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है या सुधारीकरण होना है तो यातायात निदेशालय की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग की मदद से इसे ठीक किया जाएगा।

कई जगह सड़क का चौड़ीकरण, बैरिकेडिंग व लाइट की व्यवस्था होनी है, जो चिह्नित किए जा रहे हैं। जल्द ही इस दिशा में भी काम होगा। भविष्य में कुछ जगहों पर यदि पुल या फ्लाईओवर बन जाता है तो मार्ग की लंबाई और भी कम हो जाएगी।

 

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