Lok Sabha Election, Uttar Pradesh: लोकसभा चुनाव में कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। सभी पार्टियां चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं। इसी बीच सहारनपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी इमरान मसूद ने हिन्दू-मुस्लिम को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मसूद के बयान के बाद सियासत तेज हो गई है।
दरअसल, शुक्रवार को सामने आए 52 सेकंड के एक वीडियो में, यूपी के सहारनपुर से इंडी अलायन्स के उम्मीदवार इमरान मसूद को यह कहते हुए देखा गया कि आम चुनाव के बाद, मुसलमानों के साथ बुरा व्यवहार किया जाएगा। वीडियो में वो कह रहे हैं कि यह सिर्फ जीतने या हारने के बारे में नहीं है, बल्कि खुद को (मुसलमानों को) बचाने के बारे में है।
मुस्लिमों को संबोधित करते हुए इमरान मसूद ने कहा, “बीजेपी आई तो सबसे पहले इलाज मेरा, तुम्हारा होगा। अगर बीजेपी दोबारा (सत्ता में) आ गई तो इलाज तय है। ये चुनाव अपने आप को बचाने का चुनाव है, ये मैं नहीं कह रहा अमित शाह कह रहे हैं। सारी मजबूत आवाजें खामोश की जा रहीं हैं।”
इमरान मसूद गुरुवार को सहारनपुर में ईद पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा, ”अगर बीजेपी दोबारा सरकार बनाती है, तो उसका पहला काम हमें अलग करना और हमारे साथ बुरा व्यवहार करना होगा।
‘वे विपक्ष को खामोश कर रहे हैं’
मसूद को वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है, “सभी मजबूत आवाजों को खामोश किया जा रहा है।” मसूद के इस बयान के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया कि मसूद सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए एक विशेष समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। मसूद के बयान को बीजेपी ने आदर्श आचार संहिता का घोर उल्लंघन बताया है। बीजेपी ने कहा, “वर्ग विशेष में डर का माहौल पैदा कर रहे है इमरान।”
बीजेपी ने चुनाव आयोग के पास की शिकायत
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई ने सहारनपुर से कांग्रेस उम्मीदवार इमरान मसूद के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का दरवाजा खटखटाया है। चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस नेता के हालिया बयान का हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि अगर बीजेपी इस बार सत्ता में आई तो पहले लोगों का इलाज करेगी और फिर उनका इलाज गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा ने शिकायत की है कि यह बयान एक विशिष्ट समुदाय में भय पैदा करने और सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि मसूद चुनाव के दौरान उपद्रव और हिंसा फैलाने की भी कोशिश कर रहे हैं। पार्टी ने उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।