नई दिल्ली:
Eid-ul-Fitr 2024 Highlight: आज देशभर में एकता और भाईचारे का प्रतीक ईद का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. ईद उल फितर मुस्लिम समुदाय का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है. इसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के अंत का प्रतीक है. रमजान के दौरान, मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं. उसके बाद पूरे एक महीने तक रोजा रखने के बाद उन्हें ईद का चांद का दीदार होता है और फिर ईद पर्व की शुरुआत होती है. ईद के मौके देश के विभिन्न हिस्सों में मस्जिद में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है. मुस्लिम समुदाय के लोग एक दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाइयां दे रहे हैं. जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक हर जगह इस त्योहार की धूम देखने को मिल रही है.
ईद उल फितर का महत्व
ईद उल फितर भाईचारे का प्रतिक है. इस दिन मुस्लिम समाज के लोग मस्जिद जाकर नमाज अदा करते हैं और अल्लाह से अमन-चैन की दुआ मांगते हैं. नए कपड़े पहनते हैं, एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाईयां देते हैं. इस दिन मुस्लिम लोगों के घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं जिसमें मीठी सेवई सबसे खास होती है. इसके साथ ही इस दिन ईदी देने की भी परंपरा है.
ईद उल फितर का संदेश
ईद उल फितर का संदेश त्याग, आत्म-संयम, भाईचारा, समानता, क्षमा और दया है. यह त्योहार याद दिलाता है कि अल्लाह की कृपा और आशीर्वाद के लिए आभारी रहना चाहिए, दूसरों के प्रति दयालु और क्षमाशील होना चाहिए, और समाज में भाईचारा और समानता को बढ़ावा देना चाहिए.
ईद उल फितर से जुड़ी कुछ खास बातें
ईद उल फितर का त्योहार दुनिया भर में मुसलमानों द्वारा मनाया जाता है. इस त्योहार की तारीख हर साल चांद के दिखने पर निर्भर करती है. इस दौरान लोग एक-दूसरे के घरों में जाते हैं और खुशियां बांटते हैं. ईद उल फितर एक ऐसा त्यौहार है जो भाईचारा, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश देता है.