देहरादून। प्याज के भाव में अचानक हुई वृद्धि ने आमजन की आंखों से आंसू निकाल दिए हैं। फूलगोभी, मटर , शिमला मिर्च, बीन, पालक जैसी हरी तरकारियों का स्वाद लेने के लिए अब आमजन को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। अचानक हुई वृद्धि के कारण फिलहाल लोगों के लिए सब्जियाें व फलों का स्वाद लेना कठिन हो गया है।
बारिश की अधिकता ने हरी सब्जियों व फलों के उत्पादन व आवक को प्रभावित कर दिया है। खासकर हरी सब्जियों की आवक व उत्पादन पर बारिश के असर ने कई सब्जियों के भावों में अचानक वृद्धि कर दी है। सब्जियों में सबसे अधिक वृद्धि प्याज के भावों में हुई है।
एक सप्ताह से कम समय में ही प्याज के फुटकर भाव 30 से बढ़कर 80 रुपये यानि दोगुने से भी अधिक हो गए हैं। फुटकर बाजार में फूलगोभी 120 , मटर 160 , शिमला मिर्च 125 , बीन 130 , पालक 140 व पत्तागोभी 70 रुपये प्रतिकिलोग्राम तक बिक रही है। वहीं, बढ़े भावों ने आम आदमी की थाली से फिलहाल हरी तरकारियों को दूर करना शुरू कर दिया है।जागरण संवाददाता, देहरादून। प्याज के भाव में अचानक हुई वृद्धि ने आमजन की आंखों से आंसू निकाल दिए हैं। फूलगोभी, मटर , शिमला मिर्च, बीन, पालक जैसी हरी तरकारियों का स्वाद लेने के लिए अब आमजन को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। अचानक हुई वृद्धि के कारण फिलहाल लोगों के लिए सब्जियाें व फलों का स्वाद लेना कठिन हो गया है।
आसमान छू रही कीमतें
निरंजनपुर स्थित नवीन सब्जी मंडी से बाहर निकलते ही चंद कदमों की दूरी पर फुटकर बाजार में सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही है। उधर, सब्जियाें की अचानक बढ़ी कीमतों ने आमजन की रसोई का संतुलन बिगाड़ दिया है। उधर, हरी सब्जियों का स्वाद लेने से पहले लोगों को अपनी जेब की ओर देखना पड़ रहा है।
बारिश से उत्पादन प्रभावित, मैदानी क्षेत्रों से आवक हुई कम
सब्जी विक्रेता सूरज तोमर ने बताया कि बारिश की अधिकता के कारण हरी सब्जियाें का उत्पादन व आवक प्रभावित हुई है। मंडी में अधिकांश सब्जियाें की आपूर्ति कालसी, सहसपुर, डोईवाला के अलावा मैदानी क्षेत्र रुड़की , बिहारीगढ़, भगवानपुर , सहारनपुर से आवक होती है, लेकिन बारिश के कारण कई क्षेत्रों में सब्जियां बर्बाद हो गई हैं। इसका असर सब्जियों के भावों पर पड़ रहा है।