देहरादून। राजधानी के सबसे पाश और वीआइपी क्षेत्रों में शामिल राजपुर रोड के जाखन इलाके में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन डुप्लेक्स भवनों को सील कर दिया।
संबंधित निर्माणकर्ता बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य करा रहे थे। कई बार नोटिस जारी करने और निर्माण रोकने के निर्देश देने के बावजूद काम जारी रहने पर यह कार्रवाई की गई।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार, जाखन स्थित थापा निवास वाली गली में कपिल कपूर द्वारा तीन डुप्लेक्स भवनों का निर्माण कराया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि निर्माण के लिए प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृति नहीं ली गई थी। विभाग को इस संबंध में लगातार शिकायतें भी मिल रही थीं।
नियमानुसार किसी भी आवासीय या व्यावसायिक भवन का निर्माण शुरू करने से पहले एमडीडीए से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है, लेकिन संबंधित निर्माणकर्ता ने इस नियम का पालन नहीं किया।
नोटिस के बाद भी जारी रहा निर्माण
निर्माणकर्ता को कई बार नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए थे।
क्षेत्रीय अधिकारियों और अभियंताओं ने मौके पर पहुंचकर भी निर्माण बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन निर्देशों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।
एमडीडीए के संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देश पर अवर अभियंता सचिन तोमर, अवर अभियंता उमेश वर्मा और क्षेत्रीय सुपरवाइजर के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों निर्माणाधीन डुप्लेक्स भवनों को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान निर्माण स्थल पर मौजूद श्रमिकों को बाहर निकालकर निर्माण कार्य पूरी तरह बंद करा दिया गया।
सील से छेड़छाड़ हुई तो होगी कानूनी कार्रवाई
प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी ने सील तोड़ने या उससे छेड़छाड़ करने का प्रयास किया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए ने दोहराया कि शहर के नियोजित विकास में बाधा बनने वाले अवैध निर्माणों और भू-माफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
प्रभावशाली लोगों को भी नहीं मिलेगी छूट : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून में किसी भी स्थिति में अवैध निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संबंधित निर्माणकर्ता को नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए गए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया।
उन्होंने कहा कि शहर के नियोजित विकास से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, नियमों का उल्लंघन करने पर भवन सील करने या ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाएगी।