देहरादून। हाथीबड़कला में महिला से हैवानियत और हत्या के चर्चित मामले की जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे घटनाक्रम की भयावहता को उजागर किया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच में पर्दाफाश हुआ कि आरोपित ने महिला के साथ बेहद क्रूरता की। महिला के शरीर पर करीब 10 जगहों पर चोटों के निशान मिले हैं।
इनमें छाती, जांघ और निजी अंग जैसे संवेदनशील हिस्से पर बुरी तरह से दांतों से काटा गया था। यह चोटें दुष्कर्म के दौरान पहुंचाई गई थीं और इन्हें मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना गया।
जांच के दौरान मृतक के हाथों में मिले आरोपित के बाल सबसे अहम सबूत साबित हुए। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने इन बालों का डीएनए परीक्षण कराया, जिसकी रिपोर्ट में इनका मिलान गिरफ्तार आरोपित के डीएनए से हो गया।
यह वैज्ञानिक साक्ष्य आरोपित की घटनास्थल पर मौजूदगी और संघर्ष की पुष्टि करता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के शरीर पर कई अन्य चोटों का भी उल्लेख किया गया है, जिससे स्पष्ट होता है कि महिला ने हमलावर का डटकर विरोध किया था
संघर्ष के दौरान उसने आरोपित से बचने की कोशिश की, जिससे उसके हाथों में आरोपित के बाल आ गए। यही बाल बाद में जांच की दिशा तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल हुए। फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से एकत्र किए गए अन्य जैविक नमूनों की भी जांच की
डीएनए प्रोफाइलिंग और अन्य वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर पुलिस ने साक्ष्यों की कड़ी मजबूत की। वैज्ञानिक साक्ष्यों के संयोजन ने आरोपित के खिलाफ मजबूत केस तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की मजबूत विवेचना के कारण दोषी को अदालत ने कड़ी सजा दी। इस मामले में अभियोजन की ओर से 31 दस्तावेजी साक्ष्य व नौ गवाह पेश किए गए।
अपने नहीं मिले तो पुलिस खुद बनी शिकायतकर्ता
31 जुलाई 2023 की सुबह पांच बजे सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की।
इस दौरान पुलिस ने महिला के स्वजन की तलाश की, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद उनका पता नहीं लग पाया।
ऐसे में उस समय धारा चौकी के इंचार्ज आशीष रावत केस में शिकायतकर्ता बने और साक्ष्य जुटाने में पूरी जी जान लगा दी।
पहले खड़ा हुआ सीमा विवाद, फिर डालनवाला ने की जांच
जिस जगह महिला का शव बरामद हुआ था, वह शहर कोतवाली क्षेत्र पड़ता है। ऐसे में प्राथमिक जांच शहर कोतवाली की ओर से गई।
इसके बाद 31 जुलाई को जब पुलिस ने आरोपित राजेश को गिरफ्तार किया तो पता चला कि हत्या डालनवाला कोतवाली क्षेत्र में की गई थी।
ऐसे में विवेचना डालनवाला कोतवाली में चली गई और डालनवाला कोतवाली के एसएसआइ प्रदीप नेगी ने पूरे प्रकरण की विवेचना कर साक्ष्य जुटाए।
नगर निगम के सफाई कर्मचारी ने दी सबसे पहले सूचना
नगर निगम के सफाई कर्मचारी व केस में गवाह शिव कुमार ने सबसे पहले कूड़ेदान के बगल में शव पड़ा हुआ देखा था। वह सुबह चार बजे घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि कूड़ेदान के बगल में एक महिला पड़ी हुआ है।
सबसे पहले उन्होंने हाथीबड़कला चौकी में इसकी सूचना दी। बताया कि महिला के शरीर पर कई चोट के निशान हैं। महिला ने पुरुष की कमीज व उल्टा सलवार पहना हुआ था।
घटना से दो दिन पहले मायके के लिए निकली थी महिला
मृतका के पति ने बताया कि उसकी शादी 13-14 साल पहले हुई थी। उनका 13 साल का बेटा है। मृतका पहले एक कालेज में सफाई का काम करती थी
2023 में उसका हाथ टूट गया तो उसकी पत्नी ने काम छोड़ दिया। उसकी पत्नी दो दिन पहले ही अपने मायके गई थी।
दूसरे दिन इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो को देखकर किसी ने उसे घटना के बारे में बताया तो उसने अपनी पत्नी को पहचान लिया।