उत्तराखंड में अब मनरेगा नहीं VBG RAM G कहिये, आज से लागू; शासन ने जारी की अधिसूचना

देहरादून। गांवों के विकास और वहां के निवासियों के लिए रोजगार के दृष्टिगत उत्तराखंड में भी बुधवार से विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी अधिनियम लागू हो गया है

शासन की ओर से इस संबंध में ग्राम्य विकास सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही राज्य में यह मिशन लागू करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।

युक्तिधारा पोर्टल पर अपलोड हुआ ब्योरा

सभी 7817 ग्राम पंचायतों की मैपिंग कर इसका ब्योरा केंद्र के युक्तिधारा पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। पूर्ववर्ती महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में सक्रिय 7.58 लाख श्रमिकों की 92 प्रतिशत ई-केवाईसी कर ली गई है।

विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप पूर्ववर्ती मनरेगा के स्थान पर केंद्र सरकार ने वीबी-जीरामजी लाने का निर्णय लिया। सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों में इसे एक जुलाई 2026 से लागू करने के दृष्टिगत केंद्र ने 11 मई को अधिसूचना जारी की। इसके लिए राज्यों को 30 जून तक अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए गए थे।

यद्यपि, 11 मई को केंद्रीय अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तराखंड में इसके लिए कवायद प्रारंभ कर दी गई। ग्राम्य विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में मनरेगा में 5.66 लाख सक्रिय जाब कार्ड धारक हैं, जिनमें 7.58 लाख सक्रिय श्रमिक हैं। सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी 92 प्रतिशत कर ली गई है। शेष की भी जल्द पूरी हो जाएगी।

बताया गया कि ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जाब कार्ड, वीबी-जीरामजी में ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी तक मान्य होंगे। जिन श्रमिकों के पास जाब कार्ड नहीं हैं, वे ग्राम पंचायत स्तर पर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। अब वीबी-जीरामजी के तहत होने वाले कार्यों की योजना केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के युक्तिधारा पोर्टल पर अपलोड होगी।

सीधे खाते में आएगी मजदूरी

वीबी-जीरामजी में श्रमिकों को वर्ष में 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार मिलेगा। मजदूरी के पारदर्शी भुगतान की व्यवस्था की गई है। मजदूरी का भुगतान डीबीटी के माध्यम से श्रमिक के बैंक अथवा डाकघर के खाते में होगा।

चार थीम पर केंद्रित 318 कार्यों की अनुमति

वर्तमान में वीबी-जीरामजी के तहत चार थीम पर 318 प्रकार के कार्यों की अनुमति होगी। इनमें जल सुरक्षा से जुड़े 107, ग्रामीण आजीविका के 86, ग्रामीण अवस्थापना के 88 और आपदा न्यूनीकरण के 37 कार्य शामिल हैं। मनरेगा मेें स्वीकृत कार्य भी वीबी-जीरामजी में समाहित किए जाएंगे।

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