Dehradun
लक्सर में देहरादून-सहारनपुर डीएलएस पैसेंजर ट्रेन से नवजात का शव नीचे गिरने की घटना से सनसनी फैल गई। दंपती ने दावा किया कि अस्पताल में मौत के बाद शव लेकर लौटते समय ट्रेन के झटके से बच्चा हाथ से छिटककर गिर गया, जबकि कुछ यात्रियों ने नवजात को जानबूझकर फेंकने का आरोप लगाया है। जीआरपी मामले की जांच में जुटी है।
देहरादून से सहारनपुर जा रही डीएलएस पैसेंजर ट्रेन से नवजात का शव नीचे गिर गया। एक दिन पहले ही अस्पताल में उसका जन्म हुआ था। दंपती ने बताया कि मेला अस्पताल में बच्चे की मौत हो गई थी। वह ट्रेन में शव को वापस लेकर आ रहे थे। झटका लगने पर वह नीचे गिर गया। इस बीच ट्रेन में सवार लोगों ने दंपती पर जानबूझकर बच्चे को फेंकने का भी आरोप लगाया।
दंपती लक्सर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी है। उन्होंने पुलिस को बताया कि एक दिन पहले लक्सर अस्पताल में महिला ने नवजात को जन्म दिया था। सांस लेने में परेशानी होने पर नवजात को मेला अस्पताल हरिद्वार रेफर कर दिया गया था। वहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत हो गई। दंपती देहरादून से सहारनपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में हरिद्वार से शव को लेकर लौट रहे थे।
ट्रेन में मौजूद लोगों ने दंपती पर बच्चे को ट्रेन से फेंकने का आरोप लगाया
नवजात के पिता ट्रेन के दरवाजे के समीप बैठे थे। ट्रेन जब ऐथल और लक्सर रेलवे स्टेशन के मध्य पथरी पुल पर पहुंची तभी अचानक झटका लगने से ट्रेन का दरवाजा तेजी से आकर उन्हें लगा और उनके हाथ से शव छिटककर नीचे जा गिरा। इस बीच ट्रेन में मौजूद लोगों ने दंपती पर बच्चे को ट्रेन से फेंकने का आरोप लगाया।
व्यक्ति ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका और ट्रेन मैनेजर को घटना की जानकारी दी। ट्रेन मैनेजर के कंट्रोल रूम को सूचना दिए जाने पर उपनिरीक्षक अतुल चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने दंपती से जानकारी ली। नवजात के शव और दंपती को जीआरपी लक्सर लेकर आई। उपनिरीक्षक अतुल चैहान ने बताया कि दंपती नवजात की मौत के बाद मानसिक तौर पर परेशान अवस्था में थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।