विकासनगर (देहरादून)। कालसी वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज के संविदा कर्मी ने ग्राम पंचायत छरबा, लाइन जीवनगढ़, रमसावाला, लखनवाला और हरबर्टपुर से कुल आठ सांपों का रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों में छह इंडियन स्पेक्टाकल्ड कोबरा और दो कॉमन करैत शामिल हैं। कॉमन करैत को साइलेंट किलर भी कहा जाता है।
दोनों प्रजाति के सांप विषैले
संविदा कर्मी ने बताया कि दोनों प्रजाति के सांप विषैले हैं। नाग भारतीय उपमहाद्वीप का जहरीला सांप है, लेकिन इसका विष करैत जितना घातक नहीं है और यह रसेल्स वाइपर जैसा आक्रामक नहीं है। भारत में सबसे अधिक लोग नाग के काटने से मरते हैं, क्योंकि यह सभी जगह बहुतायत में पाया जाता है
वहीं करैत सापों की प्रजाति है, जो भारतीय उपमहाद्वीप के जंगलों में पायी जाती है। यह अत्यन्त विषैला सर्प है। भारत के सबसे खतरनाक चार सर्पों में से एक है। कॉमन करैत शिकार की तलाश में रात में ही निकलते हैं।