देहरादून। राजधानी दून में महज घंटेभर की तेज बारिश ने नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी
शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर पानी भर गया, जबकि जाम नालियों से गंदगी सड़कों पर बहती रही। हालात ऐसे रहे कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया और दोपहिया वाहन सवारों को खासा संघर्ष करना पड़ा
सबसे ज्यादा असर प्रिंस चौक और आसपास के इलाकों में देखने को मिला, जहां हर बार की तरह इस बार भी बारिश का पानी नालियों में समाने के बजाय सड़कों पर ही बहता रहा।
तहसील चौक, लैंसडौन चौक, एश्लेहाल चौक, रेलवे स्टेशन, सर्वे चौक, बुद्धा चौक और घंटाघर समेत कई प्रमुख स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई।
कई जगह नालियों के बंद होने के कारण पानी मलबे के साथ सड़कों पर बहता रहा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। झमाझम बारिश का असर शहर की कालोनियों में भी दिखा।
निचले इलाकों और नई बसी कालोनियों में पानी जमा होने की शिकायतें सामने आईं। वहीं, पहले से खस्ताहाल सड़कों पर कीचड़ फैलने से स्थिति और खराब हो गई।
दीवार बनी मुसीबत, नर्सिंग कालेज गेट पर ‘तालाब’
चंदर नगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या ने एक अलग ही रूप ले लिया है। यहां चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, स्टेट कालेज आफ नर्सिंग, टीबी लैब और स्वास्थ्य विभाग के संभागीय प्रशिक्षण केंद्र स्थित हैं।
प्रशिक्षण केंद्र की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार अब समस्या की बड़ी वजह बन गई है। बताया जा रहा है कि परिसर के चारों ओर बनाई गई दीवार का एक हिस्सा मुख्य मार्ग और नर्सिंग कालेज के गेट के पास खड़ा कर दिया गया है।
इसके चलते बारिश का पानी निकासी नहीं पा रहा और एक जगह इकट्ठा होकर तालाब का रूप ले चुका है।
इससे नर्सिंग कालेज के छात्र-छात्राओं को मुख्य द्वार से आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, यहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी यह स्थिति परेशानी का सबब बनी हुई है।