उत्तराखंड के स्कूलों में मध्याह्न भोजन पर LPG गैस किल्लत का असर, बच्चों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित

देहरादून। वैश्विक परिस्थितियों के चलते देश में पेट्रोलियम पदार्थों और एलपीजी गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने का असर अब उत्तराखंड के स्कूलों में नौनिहालों को दिए जाने वाले पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) पर भी दिखने लगा है।

हालांकि, प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय का कहना है कि किसी भी जनपद से अभी तक औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन जमीनी स्तर पर कई दूरदराज के क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जनपदों के कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समय पर गैस सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

राज्यभर के 13,357 विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब पौने तीन लाख बच्चों के लिए प्रतिदिन मध्याह्न भोजन तैयार किया जाता है। ऐसे में गैस आपूर्ति बाधित होने से भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

पीएम पोषण योजना के अंतर्गत संचालित इस व्यवस्था में कई विद्यालयों से गैस आपूर्ति में अनियमितता की शिकायतें सामने आ रही हैं।

विभाग का दावा है कि आपूर्ति सामान्य है, लेकिन एहतियातन सभी विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी को सूचित करें।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र रावत के अनुसार हरिद्वार, देहरादून और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी जनपदों में स्थिति सामान्य बनी हुई है और गैस एजेंसियां समय पर सिलिंडर उपलब्ध करा रही हैं।

वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण कई विद्यालयों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में बढ़ी समस्या

जिन विद्यालयों में छात्र संख्या 100 से कम है, वहां एक सिलिंडर लगभग एक माह तक चल जाता है। लेकिन 500 या उससे अधिक छात्रों वाले विद्यालयों में एक सिलिंडर एक सप्ताह भी नहीं चल पा रहा है।

 

 

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