देहरादून। हरिद्वार रोड पर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की महत्वाकांक्षी ग्रीन बिल्डिंग परियोजना की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी सविन बंसल का गुस्सा बुधवार को खुलकर सामने आया। ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड और कार्यदायी संस्था सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में किसी भी तरह की कोताही क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘फाइलों पर चिड़िया बिठाने से काम नहीं चलेगा, धरातल पर उतरकर मानिटरिंग करनी होगी।’ उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य इस वर्ष जून तक हर हाल में पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है
जब जिलाधिकारी ने अधिकारियों से वर्क चार्ट, वर्क शेड्यूल व लेबर प्लान की जानकारी मांगी, तो कई अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल रिवाइज्ड प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आदेश दिया कि संशोधित योजना के अनुसार डबल शिफ्ट में काम सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी तीरथ पाल सिंह, मुख्य अभियंता सीपीडब्ल्यूडी कृष्णा चमोला, चीफ इंजीनियर देवेंद्र प्रकाश, वित्त नियंत्रक सैफाली रानी सहित सीपीडब्ल्यूडी और स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
175 की जगह सिर्फ 125 मजदूर, डीएम भड़के
श्रमिकों की स्थिति की समीक्षा में राजफाश हुआ कि निर्धारित 175 श्रमिकों के सापेक्ष केवल 125 श्रमिक ही मौके पर कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक परियोजना का केवल 36 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि पिछले एक महीने में मात्र 10 प्रतिशत प्रगति हो सकी है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि श्रमिकों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए और निर्माण की रफ्तार में तेजी लाई जाए। उन्होंने साफ लहजे में यह चेतावनी भी दी कि अब समयसीमा बढ़ाने की कोई गुंजाइश नहीं है।