देहरादून। सर्दी में हवा में धूल, धुआं और प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इससे फेफड़ों पर सीधा असर पड़ता है। हवा में मौजूद बेहद छोटे कण फेफड़ों में पहुंचकर सूजन, फाइब्रोसिस और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इससे शरीर के अंगों में आक्सीजन की कमी हो सकती है।
डाक्टरों का कहना है कि दूषित हवा से सांस लेने में तकलीफ बढ़ी है। जो पहले से इस बीमारी से पीड़ित हैं, बच्चे और बुजुर्गों में यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिल रही है। राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल के क्षय एवं श्वास रोग विभाग में सामान्य दिनों में ओपीडी 70-80 तक रहती है, लेकिन पिछले एक हफ्ते से यह बढ़कर 100 तक पहुंच गई है। निजी अस्पतालों में भी संख्या बढ़ी है।
राजकीय दून मेडिकल कालेज अस्पताल के क्षय एवं श्वास रोग विभाग के डाक्टरों का कहना है कि इन दिनों सबसे ज्यादा अस्थमा, सीओपीडी पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। कुछ पुराने मरीजों की दव़ा की डोज बढ़ानी पड़ रही है, जबकि कमजोर फेफड़े वाले मरीजों को आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत इस मौसम में पड़ रही है। मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, थोड़ा सा पैदल चलने में ही सांस फूलना और सीने में जकड़न जैसी समस्या हो रही है।
ठंड और कोहरा पड़ने से कोल्ड अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यह फेफड़ों की बीमारी है, जिसमें वायुमार्ग में सूजन और संकुचन हो जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होती है। अक्सर देखा जाता है कि सर्दियों में अस्थमा की स्थिति और बिगड़ जाती है। ठंडी हवा, श्वसन संक्रमण, घर के अंदर की शुष्क हवा और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा के लक्षण बढ़ सकते हैं। इसके चलते अस्थमा रोगियों को सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
हर निकलते समय मुंह और नाक को मास्क से ढक लें।
इन्फ्लूएंजा और अन्य श्वसन संक्रमण अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं।
नियमित व्यायाम करें, इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है और अस्थमा के लक्षण कम होते हैं।
बाहर व्यायाम करने से बचें, क्योंकि इससे आपकी श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
नाक से सांस लेने की आदत डालें, मुंह से बिल्कुल भी सांस न लें। क्योंकि नाक में रक्त वाहिकाएं होती हैं जो फेफड़ों तक पहुंचने से पहले हवा को नम कर देती हैं।
संक्रमणों और सर्दी-जुकाम से बचने के लिए खट्टे फल और पौष्टिक पत्तेदार सब्जियां खाने की कोशिश करें।
घर के अंदर हल्के-फुल्के व्यायाम करना शरीर को गर्म रखने का एक शानदार तरीका है।
खूब पानी पीएं, विटामिन सी युक्त फल खाएं, बार-बार