32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 9,400 से अधिक पंजीकरण के बाद हुआ चयन; 4 सितंबर को शिव नाडर यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर में आयोजित होगा राष्ट्रीय फाइनल
पेशेवर विकास का यह पहलू इन पुरस्कारों की प्रमुख विशेषताओं में से एक है। इस पहल का उद्देश्य केवल किसी एक समय पर उत्कृष्ट शिक्षण को सम्मानित करना नहीं है, बल्कि ऐसे शिक्षकों के विकास में निवेश करना भी है, जो प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद भी अपने सहकर्मियों, स्कूलों और समुदायों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते रहें
4 सितंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय फाइनल में देशभर से आए फाइनलिस्ट अपनी प्रस्तुतियां देंगे और जूरी विजेताओं के चयन पर विचार करेगी। यह आयोजन फाइनलिस्टों को विभिन्न स्कूल प्रणालियों, क्षेत्रों और विषयों में कार्यरत अन्य शिक्षकों से मिलने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर भी देगा। इस तरह यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि शिक्षण से जुड़े अनुभवों और विचारों के आदान-प्रदान का एक राष्ट्रीय मंच भी बनेगा।
1994 में स्थापित शिव नाडर फाउंडेशन ने स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, साक्षरता और कला के क्षेत्रों में विभिन्न संस्थानों और पहलों की स्थापना की है। फाउंडेशन का दृष्टिकोण लंबे समय तक टिकने वाले संस्थान बनाने और सामाजिक बदलाव के माध्यम के रूप में शिक्षा को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा है