देहरादून। सुबह की हल्की ठंडक, पेड़ों से छनती हवा और शिक्षा के शहर की शांत रफ्तार… दून की यही पहचान रही है, लेकिन गुरुवार को इसी शांत शहर की सड़कों पर अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने सुकून को चीर दिया
पटेलनगर इंडस्ट्रियल एरिया में शुरू हुआ छात्र गुटों का विवाद देखते ही देखते सड़क पर दौड़ते वाहनों, पिस्टल और लाठी-डंडों के साथ करीब तीन किलोमीटर तक पहुंच गया। पहले छह राउंड फायर हुए, फिर पीछा करते हुए सेंट ज्यूड्स चौक पर दोबारा गोली चली। एक युवक घायल हो गया
यह सिर्फ एक फायरिंग नहीं थी। यह उस दून के बदलते मिजाज की खतरनाक तस्वीर थी, जिसे अब तक शिक्षा, शांति और सुकून के शहर के तौर पर पहचाना जाता रहा है।
सबसे गंभीर बात यह रही कि पूरा घटनाक्रम किसी सुनसान कोने में नहीं, शहर की सबसे भीड़भाड़ वाली सड़कों पर हुआ। एक पक्ष कार में भागा तो दूसरा बाइकों से पीछे लग गया। हाथों में हथियार थे और सड़क पर बेलगाम रफ्तार। रास्ते में चार पुलिस पिकेट थीं। फिर भी विवाद एक स्थान पर नहीं रुका, बल्कि शहर के भीतर दौड़ता हुआ दूसरी जगह पहुंच गया
देहरादून में छात्र गुटों के बीच पटेलनगर से सेंट ज्यूड्स चौक तक करीब तीन किलोमीटर तक पिस्टल और लाठी-डंडों से हिंसक झड़प हुई, जिसमें गोलीबारी भी हुई और एक युवक घायल हो गया।