देहरादून। राजधानी में अवैध प्लाटिंग और नियमों के विपरीत निर्माणों पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की।
अलग-अलग टीमों ने सहसपुर, डालनवाला और पौंधा क्षेत्र में अभियान चलाकर करीब 100 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग ध्वस्त कर दी।
इसके साथ ही चार अवैध एवं स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों को सील कर दिया गया।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर चलाए गए अभियान में सबसे बड़ी कार्रवाई सहसपुर के जाटोवाला क्षेत्र में हुई।
यहां नए हाईवे के निकट अभिषेक बलूनी, दीपक सैनी और अन्य द्वारा करीब 100 बीघा भूमि पर बिना प्राधिकरण की अनुमति के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी।
एमडीडीए टीम ने मौके पर पहुंच प्लाटिंग के लिए बनाई गई सड़कों और अन्य विकास कार्यों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।
डालनवाला क्षेत्र में कोरोनेशन अस्पताल के पास अनुराधा सिंह एवं राजीव यादव द्वारा किए गए अवैध निर्माण को सील किया गया। इसी क्षेत्र में जगदीश एवं अन्य के निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
वहीं, पौंधा के फुलसैनी रोड पर शुभम गोयल द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत बनाए जा रहे दो अलग-अलग बहुमंजिला भवनों को भी एमडीडीए ने सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के क्षेत्रीय अभियंता, अवर अभियंता, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण व सीलिंग की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों को चिह्नित कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उनका कहना है कि अवैध कालोनियां न केवल सुनियोजित शहरी विकास को प्रभावित करती हैं, बल्कि भविष्य में आम लोगों के लिए भी गंभीर कानूनी और आधारभूत समस्याएं पैदा करती हैं।