उत्तराखंड के 7 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, पर्वतीय क्षेत्रों में बिजली चमकने की चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक 48 घंटे से रुक-रुककर हो रही वर्षा ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

चारधाम यात्रा मार्ग सहित कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें बाधित हो गईं, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव, सड़क क्षति और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में 150 से 200 मिमी तक वर्षा दर्ज की गई। गंगा, यमुना, भागीरथी, गोमती, काली और गोरी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से वर्षा की तीव्रता कुछ कम हो सकती है, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा का दौर जारी रह सकता है।

उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर झील बनने की आशंका गहरा गई है। नदी का पानी कई होटल, होमस्टे और आवासीय भवनों के भूतल तक पहुंच गया है।

स्यानाचट्टी में यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन के चलते वाशआउट होने से हाईवे पर 27 घंटों से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है।

यात्री भूस्खलन जोन पार करने के लिए जंगल के बीच फिसलनभरी पगडंडी से पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट-लिपुलेख राजमार्ग 28 घंटे अवरुद्ध रहा।

कई जगह जर्जर भवन भी क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन ने एहतियातन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है।

भूस्खलन के कारण प्रदेश में 118 सड़कें बंद रहीं। यमुना घाटी के विद्युतगृहों में बिजली उत्पादन भी प्रभावित होने लगा है। हरिद्वार में शुक्रवार को जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त रहा।

सात जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार को देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है।

पर्वतीय जिलों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज वर्षा की चेतावनी दी गई है, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी बिजली चमकने और तेज वर्षा होने की बात कही है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *