देहरादून: आढ़त बाजार में मुआवजा लेकर भी कब्जा नहीं छोड़ा, अब चलेगा बुलडोजर

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना में प्रतिकर राशि प्राप्त करने के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ने वाले लोगों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने ऐसे मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे और निरीक्षण के बाद नियमानुसार बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राजधानी की इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

बुधवार को एमडीडीए सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। बैठक में परियोजना से जुड़े सभी लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को जून 2026 तक सभी कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं में शामिल यह परियोजना केवल पुनर्विकास का कार्य नहीं, बल्कि देहरादून की व्यापारिक और शहरी संरचना को आधुनिक स्वरूप देने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है

ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि विभागीय समन्वय को और मजबूत किया गया है, ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जा सकें।

बैठक में एमडीडीए संयुक्त सचिव प्रत्यूष, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, लेखपाल नजीर अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

बैठक में प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, जबकि कुछ मामले अभी लंबित हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि शेष मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।

उन्होंने रजिस्ट्री कार्य में तेजी लाने के लिए प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तथा समयबद्ध ढंग से पूरी की जा सके।

जून तक पूरे करने होंगे निर्माण कार्य

परियोजना से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा करते हुए उपाध्यक्ष ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शेष निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राजधानी की व्यापारिक गतिविधियों को आधुनिक स्वरूप देने वाली इस परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, कार्यों की प्रगति पर नजर रखने तथा समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी भी तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधा के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई

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