विकासनगर (देहरादून)। विवाहिता को ससुराल पक्ष के लोगों ने दस माह तक कमरे व शौचालय में बंद रखा। इस दौरान उसे यातनाएं दी गईं। मामला थाना सेलाकुई क्षेत्र के भाऊवाला का है
पिता ने सेलाकुई थाने में तहरीर देकर पुलिस के समक्ष बेटी का दर्द बयां किया। कहा-बेटी के साथ ससुरालियों ने जानवरों जैसा बर्ताव किया। आरोप है कि ससुराली पीड़िता को खाने में कच्चा चावल, प्याज, नमक व हरी मिर्ची देते थे।
इस अवधि में माता-पिता को भी बेटी से मिलने नहीं दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पति समेत ससुराल पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
गणेशपुर निवासी व्यक्ति ने थाना सेलाकुई में तहरीर देकर बताया कि उसकी पुत्री को ससुराल पक्ष के लोग जुलाई 2025 से मई 2026 तक कमरे और शौचालय में बंद रख मारपीट करते रहे। पति राहुल ने भी इस मामले में ससुराल पक्ष के अन्य लोगों का साथ दिया।
आरोप है कि सास, ससुर और पति ने विवाहिता को मानसिक और शारिरिक रूप से प्रताड़ित किया। 10 माह तक बेटी के साथ क्रूर व्यवहार किया गया। उसे राड, कुर्सी और वाइपर आदि से मारा गया। मायके पक्ष के लोगों को भी 10 माह तक बेटी से नहीं मिलने दिया गया। न ही फोन पर बात करने दी गई।
उसे खाने में कच्चा चावल, प्याज, नमक और हरी मिर्ची दी जाती थी। उसके बाल उखाड़ दिए गए। जब मायके पक्ष के लोग बेटी को देखने उसके ससुराल पहुंचे तो उन्हें घर में घुसने से रोक दिया गया। साथ ही गाली गलौज की गई।
किसी प्रकार जब मायके पक्ष के लोगों ने ग्राम प्रधान की मौजूदगी में विवाहिता को कमरे से बाहर निकाला तो वह दिन, महीना, तारीख सब भूल चुकी थी। विवाहिता ने फरवरी 2025 में जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। मगर उसे बच्चों से अलग रखा गया।
थानाध्यक्ष लोकपाल परमार के अनुसार पति, सास व ससुर के खिलाफ विवाहिता को प्रताड़ित करने, धमकी देने, उकसाने, अपमानित करने तथा घर में कैद रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।