देहरादून। उत्तराखंड भीषण गर्मी की चपेट में है। राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भी पारे में अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने दुश्वारियां बढ़ा दी हैं।
मैदानों में जहां लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं, वहीं पहाड़ों में भी गर्म हवाओं और चटक धूप ने सामान्य जीवन को प्रभावित कर दिया है। अगले दो दिन प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
सोमवार को देहरादून समेत आसपास के क्षेत्रों में दिनभर चटख धूप खिली और दोपहर में लू ने बेहाल किया। लगातार दूसरे दिन दून का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। इस माह अब तक चार दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा है। अभी अगले कुछ दिन तापमान इसी स्तर रह सकता है।
हालांकि, अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी की भी सूचना है। यमुनोत्री समेत अन्य ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश या गर्जन के साथ बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि, राज्य के बाकी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा, जिससे गर्मी से तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के मैदानी क्षेत्रों और उनसे सटे पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं ऊष्ण लहर (हीट वेव) की स्थिति बनने की चेतावनी जारी की है।
अगले दो दिनों तक मैदानी जिलों में गर्मी का प्रकोप और बढ़ने की आशंका जताई गई है। आगामी 29 और 30 मई को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, तेज अंधड़ और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने और आवश्यक एहतियाती व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों और नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में हीट वेव और डिहाइड्रेशन से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त दवा, ओआरएस, बर्फ और जरूरी उपकरण उपलब्ध रखने को कहा गया है।
वहीं, नगर निकायों को बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख चौराहों पर पेयजल, प्याऊ और ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अस्थायी शेड और विश्राम स्थलों की व्यवस्था भी करने को कहा गया है।
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