देहरादून। शहर की पाश कालोनी में से एक एटीएस हेवेनली फूटहिल्स के शांतिप्रिय निवासियों में भय का पर्याय बन चुके बिल्डर पुनीत अग्रवाल पर जिला प्रशासन ने डंडा चलाने की तैयारी कर ली है
कालोनी में मारपीट की कई घटनाओं को अंजाम देने, निरंतर अभद्र व्यवहार करने और डीआरडीओ के विज्ञानी के साथ कि गई हालिया घटना के मद्देनजर जिलाधिकारी सविन बंसल ने खबरों का कड़ा संज्ञान लिया है।
जिलाधिकारी ने बिल्डर को गुंडा एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्हें पांच मई को अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। जवाब संतोषजनक न पाए जाने या अनुपस्थित रहने की दशा को बिल्डर को जिला बदर किया जा सकता है।
इस संबंध में विज्ञानी की पत्नी हेम शिखा, जो खुद डीआरडीओ के प्रतिष्ठान यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आइआरडीई) में विज्ञानी हैं, उनकी शिकायत पर रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया
डीआरडीओ के विज्ञानी और उनके परिवार के साथ अभद्रता से पहले पुनीत अग्रवाल वर्ष 2025 में कालोनी के अध्यक्ष अजय सिंह के साथ मारपीट कर चुके हैं। उन्हें भद्दी गालियां दे चुके हैं
साथ ही स्टेट जीएसटी के सहायक आयुक्त अंजनी से भी मारपीट की गई। दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज किया गया था
वहीं, वर्ष 2025 में बच्चों के पटाखा जलाने पर वह पिस्टल तान चुके हैं। पुराने मामलों की बात की जाए तो 14 अगस्त 2021 में बिल्डर ने कालोनी निवासी स्नेहलता से गाली-गलौज की थी।
इस मामले में मयूर विहार चौकी से लेकर एसएसपी व डीजीपी तक शिकायत की गई थी। तब ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो बिल्डर के हौसले बुलंद होते चले गए। जिसकी परिणीति आए दिन सामने आ रही है।
इसके अलावा बिल्डर पर अवैध निर्माण और सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप भी लग चुके हैं। जिनकी पुष्टि भी विभिन्न जांचों में की जा चुकी है
अग्रवाल पर कार्रवाई की बात की जाए तो जिलाधिकारी सविन बंसल उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर चुके हैं और एटीएस सोसाइटी की आमसभा में बिल्डर की सदस्यता रद की जा चुकी है
पुलिस ने नहीं दी बिल्डर मामले में रिपोर्ट
बिल्डर पुनीत अग्रवाल की गुंडागर्दी को पुलिस की शह भी मिलती रही है। ऐसा एक बार नहीं, बल्कि कई बार हुआ है
पूर्व में जब जिलाधिकारी ने बिल्डर का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया था तो पुलिस से रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन रायपुर पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया
वहीं, डीआरडीओ विज्ञानी के साथ मारपीट के मामले में भी जिलाधिकारी के रिपोर्ट मांगने पर पुलिस ने टालू रवैया अपनाया।
जब एसटीएस कालोनी के लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे तो पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। तमाम बातों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कड़ा रुख अपनाने का निर्णय लिया।