देहरादून। देहरादून जिले के पिछले पांच वर्षों के मलेरिया के आंकड़े राहत देने के साथ-साथ चेतावनी देने वाले भी रहे हैं। वर्ष 2021 से 2024 तक मलेरिया के मामले बेहद कम रहे, लेकिन 2025 में अचानक मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, अधिकारियों ने इसके लिए जगह-जगह टीमें बनाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य भी कर दिया है।
आज विश्व मलेरिया दिवस मनाया जा रहा है। मलेरिया को समाप्त करने के लिए आशा और स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर जागरूक कर रहे हैं
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार देहरादून जिले में वर्ष 2021 में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया था। इसके बाद वर्ष 2022 में चार, 2023 में तीन और 2024 में चार मामले दर्ज किए गए। यह दर्शाता है कि जिले में मलेरिया नियंत्रण को लेकर प्रभावी कार्य हुआ और स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में रही। हालांकि वर्ष 2025 में मलेरिया के 13 मामले सामने आए, जो बीते वर्षों की तुलना में अधिक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव, जलभराव, साफ-सफाई में कमी और लोगों की लापरवाही इसके संभावित कारण हो सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
– अपने घरों और आसपास पानी बिल्कुल भी जमा न होने दें।
– कूलर और टंकियों की नियमित सफाई करें और मच्छरदानी का इस्तेमाल जरूर करें।
– बुखार, ठंड लगना अथवा शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
– समय पर जांच और उपचार से मलेरिया को गंभीर होने से रोका जा सकता है।